रायपुर, 09 जून (वेदांत समाचार)। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (CSPTCL) के शेयरों को इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के साथ अब राज्य की विद्युत पारेषण कंपनी में आम नागरिक और निवेशक भी हिस्सेदार बन सकेंगे।
कैबिनेट ने CSPTCL के संचालक मंडल को IPO और लिस्टिंग से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने तथा आवश्यक निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया है। साथ ही ऊर्जा विभाग को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य सरकार का मानना है कि सार्वजनिक सूचीकरण से कंपनी के विस्तार और पूंजीगत निवेश में जनभागीदारी बढ़ेगी। इससे कंपनी को भविष्य की परियोजनाओं के लिए बाजार से पूंजी जुटाने में आसानी होगी और संचालन में पारदर्शिता तथा बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस सुनिश्चित होगी।
ऊर्जा विभाग के अनुसार केंद्र सरकार भी लंबे समय से राज्य की विद्युत उपयोगिता कंपनियों में पारदर्शिता, वित्तीय सुधार और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए सार्वजनिक सूचीकरण को प्रोत्साहित कर रही है। इसी दिशा में CSPTCL के IPO का निर्णय लिया गया है।
सरकार ने बताया कि इससे पहले केंद्र सरकार की कंपनियां जैसे एनटीपीसी, पावर ग्रिड, एनएचपीसी और एसजेवीएन लिमिटेड सफलतापूर्वक शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो चुकी हैं और बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। अब छत्तीसगढ़ की पारेषण कंपनी भी इसी मॉडल पर आगे बढ़ेगी।
IPO से पहले कंपनी की व्यवहार्यता का अध्ययन एसबीआई कैपिटल लिमिटेड से कराया गया था। अध्ययन में CSPTCL को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने योग्य और सफल बताया गया। कंपनी को इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (Ind-Ra) द्वारा लगातार ‘IND A/Stable’ रेटिंग तथा पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन द्वारा पिछले दो वर्षों से सर्वोच्च A++ रेटिंग प्राप्त है।
प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने अगले चार वर्षों के लिए लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की ट्रांसमिशन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें नई अति उच्चदाब सबस्टेशन और पारेषण लाइनों का निर्माण शामिल है। सरकार का कहना है कि IPO से इन परियोजनाओं के लिए पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकेगा।
कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार IPO की संरचना में लगभग 5 प्रतिशत नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि राज्य सरकार अपनी मौजूदा हिस्सेदारी में से लगभग 5 प्रतिशत शेयर विनिवेश करेगी। इस तरह कुल 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बाजार में उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे लिस्टिंग की अनिवार्य शर्त पूरी हो सके।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि IPO के बाद भी CSPTCL पर राज्य शासन का नियंत्रण पूरी तरह बना रहेगा। कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा तथा कंपनी पहले की तरह राज्य हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करती रहेगी।

