रायगढ़, 08 जून (वेदांत समाचार)। जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र स्थित एनआरवीएस (NRVS) स्टील लिमिटेड प्लांट में हुई लाखों रुपये की संगठित चोरी का रायगढ़ पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने प्लांट के जेसीबी ऑपरेटर, लोडर चालक, ट्रेलर चालक सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए 300 किलो एस.एस. स्क्रैप पाइप और परिवहन में इस्तेमाल की गई ईको वाहन सहित कुल 9.08 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई को रायगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संगठित अपराध संबंधी धारा 112(2) भी जोड़ते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, एनआरवीएस स्टील लिमिटेड, पूंजीपथरा के प्रबंधक पवन अग्रवाल ने 6 जून की रात थाना पूंजीपथरा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि प्लांट के स्क्रैप यार्ड से लगभग 300 किलो एस.एस. स्क्रैप पाइप गायब है, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 8 हजार रुपये है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्लांट कर्मचारियों से पूछताछ की और तकनीकी एवं मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान सूचना मिली कि चोरी गया स्क्रैप पाइप प्लांट के पीछे जंगल क्षेत्र में छिपाकर रखा गया है और आरोपी उसे बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि प्लांट के अंदर कार्यरत कर्मचारियों ने ही चोरी की योजना बनाई थी।
पुलिस के अनुसार, प्लांट में जेसीबी ऑपरेटर के रूप में कार्यरत बृज कुमार खटकर ने खराब पड़े एस.एस. स्क्रैप पाइप को फ्लाई ऐश (डस्ट) में दबा दिया था। इसके बाद लोडर चालक दीपक कुमार कश्यप ने पाइप को ट्रेलर में लोड कर उसके ऊपर फ्लाई ऐश भर दी, ताकि किसी को संदेह न हो। ट्रेलर चालक नंदकिशोर विश्वकर्मा चोरी के माल को प्लांट से बाहर निकालकर गेरवानी क्षेत्र तक ले गया।
इसके बाद आरोपी करन श्रीवास और राजेश कुमार पटेल ने ईको वाहन में स्क्रैप पाइप को लोड कर तराईमाल जंगल में छिपा दिया। आरोपियों की योजना बाद में चोरी का माल बेचकर रकम आपस में बांटने की थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने तराईमाल जंगल से 300 किलो एस.एस. स्क्रैप पाइप बरामद किया। साथ ही चोरी के माल के परिवहन में इस्तेमाल की गई ईको वाहन भी जब्त की गई। बरामद स्क्रैप पाइप की कीमत 1.08 लाख रुपये और वाहन की कीमत 8 लाख रुपये आंकी गई है। कुल मिलाकर 9.08 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया गया है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पूर्व नियोजित तरीके से संगठित होकर अपराध को अंजाम दिया था। इसी वजह से प्रकरण में बीएनएस की धारा 112(2) यानी संगठित अपराध की धारा भी जोड़ी गई है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, प्रधान आरक्षक विनीत तिर्की तथा आरक्षक विनोद शर्मा, ओम प्रकाश तिवारी और सुरेंद्र यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में चोरी, गबन और अंदरूनी मिलीभगत से होने वाले अपराधों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। संगठित अपराध में शामिल व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

