कोरबा 2 जून 2026 (वेदांत समाचार)। जिले की सरकारी शराब दुकानों में तैनात सुरक्षा गार्डों ने भर्ती और वर्दी के नाम पर कथित रूप से अवैध वसूली किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में एक कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें भर्ती के लिए 30 से 35 हजार रुपए तक लिए जाने की बात सामने आई है। गार्डों ने जिला आबकारी अधिकारी को शिकायत सौंपकर संबंधित सुरक्षा एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गार्डों द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि सरकारी शराब दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही बीआईएस सुरक्षा कंपनी के अधिकारियों द्वारा प्रत्येक गार्ड से नई वर्दी के नाम पर 15-15 हजार रुपए मांगे जा रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि रकम नहीं देने पर 40 से 60 हजार रुपए तक देने का दबाव बनाया जा रहा है तथा नौकरी से हटाने की धमकी भी दी जा रही है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार उन्हें सात दिनों के भीतर राशि जमा करने के लिए कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर मैनपावर कंपनी बदलने और सेवा समाप्त करने की चेतावनी दी गई है। इस संबंध में सभी शराब दुकानों के सुरक्षा गार्डों ने संयुक्त रूप से जिला आबकारी अधिकारी को आवेदन देकर कंपनी को छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) से ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है।
मामले में पूर्व सुपरवाइजर एवं वर्तमान सुरक्षा गार्ड प्रेम कुमार साहू ने भी आबकारी विभाग से शिकायत की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कंपनी के कुछ अधिकारी पुराने गार्डों से रकम एकत्रित कराने का दबाव बना रहे हैं। वहीं, जो गार्ड पैसे देने का विरोध कर रहे हैं, उनसे दबावपूर्वक वीडियो बनवाए जाने का भी आरोप लगाया गया है, जिसमें उन्हें अपनी इच्छा से राशि देने की बात कहनी पड़ रही है।
इसी बीच एक गार्ड द्वारा कथित बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि उक्त रिकॉर्डिंग को साक्ष्य के रूप में उच्च अधिकारियों को सौंपा गया है। वायरल ऑडियो में नई भर्ती के लिए 30 से 35 हजार रुपए लिए जाने तथा कुछ अधिकारियों द्वारा अपनी ऊंची पहुंच और पहचान का दावा किए जाने की बातें सुनाई देने का दावा किया जा रहा है।
सुरक्षा गार्डों का कहना है कि उन्हें प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपए तक वेतन मिलता है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना ही मुश्किल होता है। ऐसे में वर्दी और भर्ती के नाम पर अतिरिक्त राशि की मांग उनके लिए गंभीर आर्थिक संकट पैदा कर रही है।
गार्डों ने यह भी बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी आवेदन देकर शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें दोबारा शिकायत करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी आशा सिंह ने बताया कि सुरक्षा गार्डों की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सुरक्षा कंपनी से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

