सुकड़ीगुहान में पेयजल संकट नहीं, सोलर पंप और जल जीवन मिशन से घर-घर पहुंच रहा पानी - vedantsamachar.in

सुकड़ीगुहान में पेयजल संकट नहीं, सोलर पंप और जल जीवन मिशन से घर-घर पहुंच रहा पानी

बालोद, 01 जून (वेदांत समाचार)। जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंघोला के आश्रित ग्राम सुकड़ीगुहान में पेयजल आपूर्ति की पर्याप्त व्यवस्था होने की जानकारी सामने आई है। गांव में सोलर जलापूर्ति सिस्टम, आयरन रिमुवल प्लांट से जुड़ी पानी की टंकी तथा दो बोरवेल में स्थापित मोटर पंपों के माध्यम से नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही जल जीवन मिशन के तहत घरों में लगाए गए नलों से भी ग्रामीणों को पानी मिल रहा है।

सोमवार को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और डौंडीलोहारा जनपद पंचायत के अधिकारियों ने सुकड़ीगुहान गांव का दौरा कर पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती कौशल्या ठाकुर तथा ग्रामीणों के साथ गांव का भ्रमण कर जलापूर्ति की स्थिति का जायजा लिया और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी के स्रोतों की कोई कमी नहीं है और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि गांव में लगाए गए कई नलों की टोंटियां क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिसके कारण पानी का अनावश्यक बहाव हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पूर्व में पंचायत द्वारा नलों में टोंटी लगाई गई थी, लेकिन बच्चों द्वारा उन्हें नुकसान पहुंचा दिया गया। इसके चलते पानी की बर्बादी हो रही है।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कुछ लोग पेयजल का उपयोग नहाने और अन्य घरेलू निस्तारी कार्यों के लिए भी कर रहे हैं, जिससे पानी के संरक्षण की आवश्यकता और बढ़ जाती है। अधिकारियों ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सरपंच श्रीमती कौशल्या बाई ठाकुर से नलों में नई टोंटी लगाने, जल निकासी के लिए नाले में झरिया निर्माण कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर पंचायत में उपलब्ध पानी टैंकर को सुकड़ीगुहान भेजने के संबंध में चर्चा की।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में गांव में किसी प्रकार का पेयजल संकट नहीं है। फिर भी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए ग्राम पंचायत सिंघोला में एक पानी टैंकर उपलब्ध रखा गया है, जिसका उपयोग जरूरत पड़ने पर किया जा सकेगा।

प्रशासन ने ग्रामीणों से पेयजल का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की है, ताकि भविष्य में भी गांव में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।