रायपुर,01 जून (वेदांत समाचार)। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। वन विभाग के अधिकारियों ने यहां दुर्लभ और लुप्तप्राय हिमालयी त्रिकारिनेट पहाड़ी कछुए (हिमालयन ट्राइकारिनेट हिल टर्टल) की उपस्थिति दर्ज की है। आमतौर पर हिमालयी और उप-हिमालयी क्षेत्रों में पाए जाने वाले इस कछुए का मध्य भारत के जंगलों में मिलना वन्यजीव विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के लिए विशेष महत्व रखता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रजाति की मौजूदगी न केवल उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाती है, बल्कि यहां के स्वस्थ और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र का भी संकेत देती है। जानकारों के अनुसार हिमालयी त्रिकारिनेट पहाड़ी कछुआ मुख्य रूप से पूर्वोत्तर भारत, नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की उप-हिमालयी पट्टी में पाया जाता है। यह प्रजाति समशीतोष्ण और आर्द्र पर्णपाती वनों में निवास करना पसंद करती है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में इसकी मौजूदगी का दर्ज होना वन्यजीव अध्ययन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

