बलरामपुर के जमीरापाट बॉक्साइट खदान मामले में प्रशासन का बड़ा बयान: खनन कार्य अभी शुरू नहीं, किसानों को 1 करोड़ से अधिक मुआवजा भुगतान - vedantsamachar.in

बलरामपुर के जमीरापाट बॉक्साइट खदान मामले में प्रशासन का बड़ा बयान: खनन कार्य अभी शुरू नहीं, किसानों को 1 करोड़ से अधिक मुआवजा भुगतान

रायपुर, 31 मई 2026 (वेदांत समाचार)। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी तहसील अंतर्गत ग्राम जमीरापाट स्थित बॉक्साइट खदान को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि खदान क्षेत्र में अभी किसी भी प्रकार का खनन कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार और पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपादित की जा रही हैं।

प्रशासन के अनुसार, 31 मई 2026 तक जमीरापाट बॉक्साइट खदान क्षेत्र में खनन गतिविधियां शुरू नहीं हुई हैं। वर्तमान में छत्तीसगढ़ माइनिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CMDC) को केवल भू-प्रवेश की अनुमति प्रदान की गई है, जिसका उद्देश्य आवश्यक प्रारंभिक तैयारियां करना है। यह अनुमति किसी भी प्रकार के उत्खनन या खनन कार्य की स्वीकृति नहीं मानी जाएगी।

जिला प्रशासन ने बताया कि खदान से प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों के हितों की रक्षा के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। खदान के निर्धारित क्षेत्र में शामिल 9.049 हेक्टेयर निजी भूमि के भू-स्वामियों को फसल क्षति मुआवजा मद में कुल 1 करोड़ 1 लाख 74 हजार 26 रुपये की राशि का शत-प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। साथ ही लंबित मुआवजा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कुल 15.743 हेक्टेयर क्षेत्र में भू-प्रवेश की अनुमति दी गई है, जिसमें से 6.694 हेक्टेयर क्षेत्र शासकीय भूमि का है। निजी भूमि के मामलों में नियमानुसार केवल फसल कटाई और क्षति के लिए मुआवजा भुगतान कर आगे की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। समस्त कार्रवाई भू-अधिग्रहण संबंधी नियमों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप की जा रही है।

इस बीच ग्राम जमीरापाट के डम्हाटोली पारा में पंचायत सड़क एवं शासकीय मार्ग के मरम्मत कार्य को लेकर भी प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन के अनुसार, 28 मई 2026 को सीएमडीसी द्वारा जिस सड़क मरम्मत कार्य का शुभारंभ किया गया, वह पूरी तरह जनहित और शासकीय प्रयोजन के लिए है। इस कार्य की शुरुआत स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्राम सरपंच की उपस्थिति में की गई थी। सड़क के उन्नयन और मरम्मत से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में बेहतर सुविधा मिलेगी तथा ग्रामीण संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी।

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि जिला प्रशासन प्रभावित ग्रामीणों और किसानों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। किसी भी पात्र हितग्राही के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और सभी शासकीय एवं कानूनी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के तहत ही पूरी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को समय पर मुआवजा प्रदान करने के साथ-साथ क्षेत्र में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का विकास भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र के विकास, ग्रामीणों के कल्याण और किसानों के हितों की रक्षा के बीच संतुलन बनाते हुए सभी निर्णय लिए जा रहे हैं। शासन और जिला प्रशासन इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि विकास कार्यों के दौरान प्रभावित परिवारों के अधिकारों और हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।