रायपुर, 29 मई (वेदांत समाचार)। खरीफ सीजन 2026 को लेकर राजनांदगांव जिले में कृषि विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश और कलेक्टर जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए व्यापक व्यवस्था की जा रही है। जिले में धान सहित दलहन और तिलहन फसलों के लिए परंपरागत खाद के साथ-साथ वैकल्पिक खाद, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष खरीफ सीजन के लिए जिले में 68690 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर जिले में कुल 41509 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है।
उपलब्ध खाद में 17153 मीट्रिक टन यूरिया, 4088 मीट्रिक टन डीएपी, 10129 मीट्रिक टन एनपीके, 3382 मीट्रिक टन एमओपी तथा 6757 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट शामिल है। कृषि विभाग का कहना है कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से लगातार वितरण किया जा रहा है।
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि अब तक जिले के 14972 किसानों को खाद वितरित किया जा चुका है। किसानों को 7193 मीट्रिक टन यूरिया, 1807 मीट्रिक टन डीएपी, 4669 मीट्रिक टन एनपीके, 1322 मीट्रिक टन एमओपी और 2214 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट वितरित किया गया है। वहीं समितियों में अभी भी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है।
कृषि विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। जिले में 13980 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके मुकाबले अभी 6036 क्विंटल बीज उपलब्ध है। इनमें से 3201 क्विंटल बीज समितियों में भंडारित कराया जा चुका है और 1085 क्विंटल बीज किसानों को वितरित भी किया जा चुका है।

विभाग द्वारा किसानों को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार 80 प्रतिशत यूरिया और 60 प्रतिशत डीएपी के आधार पर उर्वरक वितरण कराया जा रहा है। साथ ही समितियों की मांग के अनुसार लगातार भंडारण और आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
उधर उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, तस्करी और अनियमितताओं को रोकने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर उड़नदस्ता टीम का गठन किया गया है। टीम द्वारा लगातार खाद विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर अब तक 28 विक्रय केंद्रों को नोटिस जारी किया गया है, जबकि 7 केंद्रों में भंडारित उर्वरक जब्त कर सील करने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा 5 निजी विक्रय केंद्रों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग का लक्ष्य खरीफ सीजन में किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाना और खेती को अधिक आधुनिक एवं टिकाऊ बनाना है।

