कोरबा,29 मई (वेदांत समाचार)। आंधी-बारिश के बाद विद्युत व्यवस्था चरमराने से बरपाली क्षेत्र के दर्जनों गांव पिछले लगभग 40 घंटे से अंधेरे में डूबे हुए हैं। लंबे समय से बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण क्षेत्र में पेयजल संकट भी गहरा गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार तेज आंधी के दौरान एक बड़ा महुआ वृक्ष 33 केवी एवं 11 केवी विद्युत लाइन पर गिर गया, जिससे कई स्थानों पर तार टूट गए और विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। हादसे में शासकीय विद्यालय बरपाली की बाउंड्रीवाल को भी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद से बरपाली, सलिहाभांठा, पकरिया, बंधवाभांठा, डोंगरीभांठा सहित आसपास के कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप पड़ी हुई है।
बिजली बंद होने से क्षेत्र में पानी की समस्या भी गंभीर हो गई है। बोरवेल और पानी आपूर्ति से जुड़े उपकरण बंद होने के कारण लोगों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच पंखे और कूलर बंद होने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। मोबाइल फोन चार्ज नहीं होने से संचार व्यवस्था भी बाधित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक परेशान हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष आंधी-बारिश के दौरान विद्युत व्यवस्था प्रभावित होती है, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से दैनिक कार्यों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
वहीं विद्युत विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण सुधार कार्य लगातार जारी है। विभागीय अमला दिन-रात मरम्मत कार्य में जुटा हुआ है और जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार तकनीकी बाधाओं और सीमित संसाधनों के बीच कार्य किया जा रहा है।
इधर लगातार बढ़ रही परेशानियों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों ने विद्युत विभाग और प्रशासन से शीघ्र बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

