नई दिल्ली, 26 मई : Nishesh Basavareddy, French Open 2026: टेनिस के 4 ग्रैंडस्लैम में से एक फ्रेंच ओपन का आगाज 24 मई से हो चुका है. पेरिस की लाल मिट्टी की कोर्ट पर खेले जाने वाले साल के दूसरे टेनिस ग्रैंडस्लैम में इस बार भारतीय मूल के निषेश बसावारेड्डी ने भी डेब्यू किया. दुनिया के 148वें नंबर के इस खिलाड़ी ने पहले ही राउंड में वर्ल्ड नंबर 9 टेलर फ्रिट्ज को हराकर सबको चौंका दिया. टेलर को फ्रेंच ओपन 2026 में 7वीं सीड मिली थी. उस लिहाज से अपने डेब्यू मैच में टेलर को हराना निषेश के लिए और भी बड़ी उपलब्धि रही.
वर्ल्ड नंबर 9 को हराया, अब इस खिलाड़ी से सामना
फ्रेंच ओपन की कोर्ट पर डेब्यू करते हुए निषेश बसावारेड्डी ने पहले राउंड में बड़ा उलटफेर करते हुए टेलर फ्रिट्ज को 7-6(5), 7-6(5), 6-7(9), 6-1 से हराया. इस बड़ी जीत के साथ उन्होंने ग्रैंडस्लैम के दूसरे राउंड में जगह बना ली है. दूसरे राउंड में अब उनका मुकाबला वर्ल्ड नंबर 42 एलेक्स मिसेलसन से होगा. ये मुकाबला 26 मई को खेला जाएगा. फ्रेंच ओपन 2026 में भारतीय मूल के निषेश और एलेक्स, दोनों ही अमेरिका का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.
कौन हैं निषेश बसावारेड्डी ?
अब सवाल है कि निषेश बसावारेड्डी कौन हैं और भारत से उनका नाता कैसे है? 21 साल के इस टेनिस प्लेयर का जन्म 2 मई 2005 को कैलिफोर्निया के न्यूपोर्ट बीच में हुआ था. उनके पिता का नाम मुरलीकृष्णा बसावारेड्डी और मां का नाम साई प्रसन्ना है, जो साल 1999 में आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से कैलिफोर्निया, USA चले गए थे. 8 साल कैलिफोर्निया के इरविन में रहने के बाद उनके पिता इंडियाना के कारमेल शिफ्ट हो गए, जहां निषेश बसावारेड्डी ने टेनिस का पाठ पढ़ना शुरू किया.
निषेश बसावारेड्डी ने कब किया ग्रैंडस्लैम डेब्यू?
निषेश बसावारेड्डी का फ्रेंच ओपन में डेब्यू भले ही साल 2026 में हुआ मगर ग्रैंडस्लैम की कोर्ट पर उनके कदम पहली बार पिछले साल ही पड़ गए थे. उन्होंने बतौर प्रोफेशनल ऑस्ट्रेलियन ओपन 2025 में अपना ग्रैंडस्लैम डेब्यू किया, जहां उनका सामना नोवाक जोकोविच से हुआ था. 2025 में ही उन्होंने विम्बल्डन और यूएस ओपन में भी डेब्यू किया मगर पहले राउंड से आगे नहीं बढ़ सके. 2026 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में उन्हें दूसरे राउंड तक पहुंचने में कामयाबी मिली.
निषेश बसावारेड्डी के पास कमाल करने का मौका
अब वो फ्रेंच ओपन 2026 के भी दूसरे राउंड में पहुंच चुके हैं. टेलर फ्रिट्ज पर जीत से उनका हौंसला बढ़ा होगा. ऐसे में उम्मीद है कि एलेक्स मिसेलसन के खिलाफ मुकाबला जीतकर वो पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम के तीसरे राउंड में पहुंचने में भी कामयाबी हासिल कर सकेंगे.

