नईदिल्ली 22 मई 2026: पश्चिम एशिया संकट के बीच 40 अरब डॉलर के निवेश प्रस्तावों के साथ पांच देशों की यात्रा से लौटते ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को अपनी मंत्रिपरिषद के साथ लंबी बैठक की और हर स्तर पर तैयार रहने को कहा। प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से अपने-अपने विभागों में अनावश्यक खर्चों में कटौती को प्रभावी तरीके से लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने मंत्रियों को संवेदनशीलता और सर्तकता के साथ बढऩे का संदेश देते हुए हर स्तर पर ऐसे कदम उठाने का निर्देश दिया जो अर्थव्यवस्था की रफ्तार को बरकरार रखें। उनका जोर सुधारों को तेजी से लागू करने पर रहा। बैठक में नौ प्रजेंटेशन दिए गए। इसमें बताया गया कि पश्चिम एशिया में अनिश्चितता है और कोई भी देश उसके प्रभाव से बाहर नही है। भारत मजबूती से खड़ा है, लेकिन बहुत सावधानी से बढऩे की जरूरत है। मंत्रिपरिषद को प्रधानमंत्री की पांच देशों की सफल यात्रा और उसकी उपलब्धियों की जानकारी भी दी गई।पांच देशों की यात्रा पर जाने के पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सभी देशवासियों से यथासंभव डीजल व पेट्रोल के खर्च में कटौती करने और एक वर्ष के लिए सोने की खरीद टालने की अपील की थी।इस अपील पर अमल करते हुए खुद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सुरक्षा काफिले में कटौती कर दी थी। कैबिनेट की बैठक में वह सिर्फ दो गाडिय़ों के साथ गए थे। इसी तरह से गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई कैबिनेट मंत्रियों और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपनी सुरक्षा काफिले में कटौती का एलान किया था। मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री ने इस अपील को दोहराया और कहा कि सभी मंत्री खुद के साथ-साथ अपने करीबी लोगों को भी इस पर अमल करने के लिए प्रेरित करें।मंत्रिपरिषद की बैठक में भाजपा सहित राजग के सभी घटक दलों ने पश्चिम एशिया संकट से निपटने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।उन्होंने दुनिया के अन्य देशों की तुलना में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी कर जनता पर कम बोझ डालने को भी अच्छा कदम बताया। साथ ही पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति बाधित होने के बाद डीजल, पेट्रोल, एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति सुचारू रखने के लिए उठाए गए कदमों की प्रसंशा की। बैठक में जिन मंत्रालयों ने प्रजेंटेशन दिया उनमें कृषि, वन, श्रम, सडक़ परिवहन, कारपोरेट मामले, विदेश, वाणिज्य और ऊर्जा शामिल हैं। भाजपा के एक नेता के अनुसार, प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को तेजी से फैसले लेने और कुशल शासन की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फाइलें बेवजह की देरी किए बिना तेजी से आगे बढऩी चाहिए और कम से कम समय में अधिक से अधिक काम किया जाए।
उन्होंने मंत्रालयों से शासन में और अधिक सरलता लाने एवं सुधारों पर अधिक ध्यान देने का भी आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत 2047सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता है। जिन मंत्रालयों का प्रदर्शन मूल्यांकन में निचला स्थान रहा, उन्हें सुधारात्मक कदम उठाने और अपने कामकाज में सुधार करने की सलाह दी गई। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे सक्रिय रूप से जनता तक पहुंचें और सरकार की पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों के बारे में बताएं। गौरतलब है कि 26 मई को मोदी सरकार के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे हो रहे हैं और नौ जून को तीसरे कार्यकाल की दूसरी वर्षगांठ भी होगी। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक को सरकार के प्रदर्शन की एक महत्वपूर्ण मध्यावधि समीक्षा के तौर पर देखा गया।

