नई दिल्ली 21 मई 2026। तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कडग़म (टीवीके) सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार हो गया है। नई सरकार में विजय की टीवीके पार्टी के 21 और सहयोगी दल कांग्रेस के 2 विधायकों ने मंत्री के रूप में शपथ ली। टीवीके सरकार के बहुमत के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले दो अहम सहयोगी दल, आईयूएमएल और वीसीके फिलहाल इस कैबिनेट विस्तार का हिस्सा नहीं हैं। दोनों दलों के पास 2-2 विधायक हैं। आईयूएमएल और वीसीकेदोनों के लिए कैबिनेट में एक-एक पद आरक्षित रखा गया है, लेकिन उन्होंने अभी तक अपने मंत्रियों के नाम तय नहीं किए हैं। इन दोनों सहयोगी दलों को बाद के चरण में सरकार में शामिल किया जाएगा। टीवीके नेतृत्व लगातार वीसीके, सीपीआई, सीपीएम और आईयूएमएल को औपचारिक रूप से गठबंधन सरकार में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रहा है, जो फिलहाल सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं।
तमिलनाडु के लोक निर्माण और खेल मंत्री आधव अर्जुन ने मंगलवार को कहा था कि मुख्यमंत्री ने इस बात को दोहराया है। यह उनकी इच्छा और सपना भी है। हमें अच्छी खबर की उम्मीद है। हम चाहेंगे कि वीसीके प्रमुख थोल तिरुमावलवन भी मंत्रिमंडल में शामिल हों।सीएम विजय ने 10 मई को 9 मंत्रियों के साथ पद की शपथ ली थी। उनके मंत्रिमंडल में अधिकतम 35 मंत्री हो सकते हैं। आज 23 नए मंत्रियों के शामिल होने से विजय सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या 32 हो गई है। ऐसे में वीसीके और आईयूएमएल जैसे सहयोगी दलों के लिए अभी भी 3 पद खाली हैं।शपथ लेने वाले विधायकों में 21 टीवीके से हैं, जिनमें श्रीनाथ, कमली एस, सी विजयलक्ष्मी, आरवी रंजीतकुमार, विनोद, राजीव, बी राजकुमार, वी गांधीराज, मथन राजा पी, जगदेश्वरी के, राजेश कुमार एस, एम विजय बालाजी, लोगेश तमिलसेल्वन डी, विजय तमिलन पार्थीबन ए, रमेश, पी विश्वनाथन, कुमार आर, थेन्नारासु के, वी संपत कुमार, मोहम्मद फरवास जे, डी सरथकुमार, एन मैरी विल्सन और विग्नेश के शामिल हैं।
विजय के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने वाले दो कांग्रेस विधायक राजेश कुमार और तिरु पी. विश्वनाथन हैं। लगभग छह दशकों में यह पहली बार है जब कांग्रेस तमिलनाडु में सरकार का हिस्सा बनने जा रही है।
पिछली बार कांग्रेस ने एम. भक्तवत्सलम के नेतृत्व में सरकार चलाई थी, जो राज्य में कांग्रेस के आखिरी मुख्यमंत्री थे और उनका कार्यकाल मार्च 1967 में समाप्त हुआ था। 1967 के ऐतिहासिक विधानसभा चुनावों में सीएन अन्नादुरई के नेतृत्व वाले डीएमके ने कांग्रेस पार्टी को हरा दिया था। तब से लेकर अब तक कांग्रेस राज्य में किसी भी सरकार का हिस्सा नहीं रही थी। अब विजय के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में शामिल होकर पार्टी ने लंबे अंतराल के बाद सत्ता में वापसी की है।

