दंतेवाड़ा 21 मई 2026। गीदम विकासखंड के कई गांवों में इस साल तेंदूपत्ता खरीदी प्रभावित होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। तुमरीगुंडा और कौरगांव में खरीदी शुरू ही नहीं हो सकी, जबकि चेरपाल में कुछ दिनों बाद ही खरीदी बंद कर दी गई।
ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी मात्रा में संग्रहित तेंदूपत्ता अब घरों में पड़ा हुआ है। अंदरूनी क्षेत्रों में तेंदूपत्ता ग्रामीण परिवारों की प्रमुख आय का साधन माना जाता है और हर साल हजारों परिवार जंगलों से पत्ता संग्रह कर अपनी जरूरतें पूरी करते हैं। इस बार खरीदी व्यवस्था समय पर नहीं होने से कई परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक मेहनत से जुटाया गया तेंदूपत्ता अब खराब होने की स्थिति में पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द राहत और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि समय पर समन्वय नहीं होने से संग्रहकर्ताओं को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब प्रभावित गांवों में शासन से आर्थिक सहायता देने की मांग भी तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल आधारित आजीविका को बचाने के लिए प्रशासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए।

