कोरबा, 28 मार्च (वेदांत समाचार )। पश्चिम और खाड़ी देश के बीच चल रही टेंशन से निश्चित तौर पर मध्य एशिया के कई देशों की व्यवस्था पर असर पड़ा है। इधर भारत में सिस्टम को ठीक-ठाक रखने के लिए सरकार की रणनीति काम कर रही है। ऐसे में नागरिकों को सुविधा की निरंतरता बनाए रखने के लिए रसोई गैस को कंटिन्यू किया गया है। इतना जरूर है कि कमर्शियल कुकिंग गैस सिलेंडर की प्राप्ति के लिए लोगों को सरकार की नई गाइडलाइन की प्रतीक्षा करनी होगी। रसोई गैस उपलब्धता को लेकर भले ही गहन संकट जैसी स्थिति नहीं बनी है लेकिन समस्याएं तो है ही। इजरायल अमेरिका और ईरान की टशन का कुछ हद तक प्रभाव बहुत सारे देश पर पड़ा है, और यह स्वाभाविक है। भारत सरकार के रणनीतिक निर्णय के कारण नागरिकों को बहुत हद तक सुविधा प्राप्त हो रही हैं और सहूलियत भी है।
रसोई गैस की आपूर्ति करने के लिए व्यवस्थाएं बनाई गई है और कुछ नए विकल्प दिए गए हैं। कोरबा में खाद्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि निश्चित तौर पर कुछ दिन रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर ही तौबा कोई और विरोधाभासी सूचना भी आई। वास्तविकता यह है कि वर्तमान में कोरबा जिले में रसोई गैस की परेशानी जैसी कोई बात नहीं है। कुकिंग गैस निर्माता कंपनी सहित सरकार की प्राथमिकता इसकी उपलब्धता को कंटिन्यू करने व बनाए रखने की है। इसी वजह से कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति को कुछ समय के लिए ब्रेक किया गया है। पूरी संभावना है कि एक स्थिति के बाद व्यवस्था यथावत हो जाएगी। हालांकि इसके लिए कारोबारी को सरकार की नई गाइडलाइन की प्रतीक्षा करनी होगी।
बताया गया कि प्रशासन ने रसोई गैस एजेंसी के संचालकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं और इसी के हिसाब से काम करने को कहा है। विभाग की ओर से संबंधित क्षेत्र में बराबर निगरानी की जा रही है ताकि व्यवस्था भी बेहतर रहे और गैर जरूरी भ्रांतियों को समाप्त किया जा सके। भारत सरकार की ओर से हाल में ही पेट्रोलियम पदार्थों पर एक्साइज ड्यूटी घटाई गई है। इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है कि सरकार के इस कदम से लोग बहुत खुश हैं और उन्हें राहत मिल रही है। लेकिन डीजल और पेट्रोल के रेट अभी भी स्थानीय स्तर पर जस की तस हैं। आवश्यक सेवाओं के मामले में नजर रखने वाला सिस्टम फिलहाल क्या रहा है कि यह उच्च स्तरीय पॉलिसी मैटर है। इसके उपभोक्ताओं को होने वाले फायदों को लेकर हम कुछ नहीं कर सकते लेकिन ऐसा लगता है कि डीजल पेट्रोल की दरों में बढ़ोतरी को लेकर जो बात हो रही थी, एक्साइज ड्यूटी घटाने से संबंधित संदेहों पर लगाम लगेगी।
