नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में आम जनता पर महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को सीएनजी की कीमतों में एक रुपये प्रति किलोग्राम की नई बढ़ोतरी कर दी गई, जिसके बाद दिल्ली में सीएनजी पहली बार 80 रुपये के आंकड़े को पार करते हुए 80.09 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई है। पिछले दो दिनों में यह दूसरी बार है जब सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं।
इससे पहले शुक्रवार को सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं नोएडा और गाजियाबाद में अब सीएनजी 88.70 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलेगी। लगातार बढ़ती कीमतों से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों और सार्वजनिक परिवहन पर सीधा असर पड़ने लगा है।
सीएनजी के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी हाल ही में इजाफा हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल करीब 3 रुपये प्रति लीटर महंगा होकर 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। वैश्विक ऊर्जा व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, ऐसे में आपूर्ति संकट का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ रहा है।
ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत में कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश की जा रही है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि कई देशों में ईंधन कीमतों में 20 से 100 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, जबकि भारत में पेट्रोल और डीजल की वृद्धि सीमित रखी गई है।
उन्होंने दावा किया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए लंबे समय तक घाटा सहन किया। इसके बावजूद लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि परिवहन महंगा होने से रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

