Vedant Samachar

NTPC पाइपलाइन फूटने से खेतों में फैली राखड़, ग्रामीणों ने हटाने की उठाई मांग

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कोरबा, 23 मार्च। कोरबा जिले में एनटीपीसी की राखड़ (फ्लाई ऐश) पाइपलाइन फूटने से खेतों में राखड़ फैल गई है। हालांकि वर्तमान में फसल नहीं होने से तत्काल नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन समय रहते इसे नहीं हटाया गया तो आने वाले समय में खेती प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, एनटीपीसी की राखड़ पाइपलाइन खेतों के बीच से होकर गुजरती है। पंडरीपानी गांव के पास पाइपलाइन फूटने से बड़ी मात्रा में राखड़ खेतों में समा गई। धनरास निवासी रवि कुमार ने बताया कि पाइपलाइन में बार-बार लीकेज की समस्या आती रहती है, जिससे राखड़ खेतों तक पहुंच जाता है। हाल ही में पाइपलाइन की मरम्मत तो कर दी गई है, लेकिन खेतों में फैली राखड़ को हटाने की दिशा में अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि खेतों के ऊपरी हिस्से में भी राखड़ डंप किया जा रहा है, जिससे बारिश के दौरान इसके बहकर खेतों में आने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा, धनरास और आसपास के गांवों में पानी के सीपेज की समस्या भी लगातार बनी रहती है, जिसके चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि, एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति राशि दी जाती रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले एचटीटीपी पावर प्लांट का झाबु राखड़ डैम फूटने की घटना में लाखों टन राखड़ नदी में बह गया था, जिससे बैराज का पानी प्रदूषित हो गया था और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गेट खोलकर पानी बहाना पड़ा था। इस मामले में सिंचाई विभाग ने प्रबंधन पर करीब 18 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया था।

क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी अंकुर साहू ने बताया कि वर्तमान मामले में प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। राखड़ के फैलाव को रोकने के लिए निगरानी रखी जा रही है और प्रदूषण फैलाने की स्थिति में जुर्माने की कार्रवाई भी की जाएगी।

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