रायपुर, 20 मार्च 2026। राजधानी रायपुर की 18 वर्षीय आरुषि श्रीवास्तव ने अद्भुत माइक्रो आर्ट का प्रदर्शन करते हुए 243 चावल के दानों पर पूरी हनुमान चालीसा लिखकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया है। उनकी इस अनोखी उपलब्धि ने शहर के साथ-साथ प्रदेश का भी गौरव बढ़ाया है।
विशालनगर निवासी पराग श्रीवास्तव और रीता श्रीवास्तव की पुत्री आरुषि को बचपन से ही माइक्रो आर्ट में रुचि रही है। उन्होंने बताया कि यह आइडिया उन्हें इंटरनेट पर सर्च करते समय मिला। गुजरात और झांसी में बने पुराने रिकॉर्ड्स को देखकर प्रेरित होकर उन्होंने यह चुनौती स्वीकार की।
सिर्फ दो दिनों में पूरा किया रिकॉर्ड
आरुषि ने महज दो दिनों के भीतर सामान्य पेन और लाल ऐक्रेलिक पेंट ब्रश की मदद से 243 चावल के दानों पर बेहद बारीक अक्षरों में हनुमान चालीसा लिखी। बिना किसी हाई-टेक उपकरण के यह कार्य करना उनकी अद्भुत नियंत्रण क्षमता और धैर्य को दर्शाता है।
फोकस और स्थिरता रही सबसे बड़ी चुनौती
उन्होंने बताया कि चावल के छोटे दानों पर लिखना आसान नहीं होता। इसके लिए हाथ का पूरी तरह स्थिर रहना, आंखों का तेज फोकस और सही रोशनी बेहद जरूरी होती है। जरा सी गलती से पूरा काम बिगड़ सकता है, इसलिए हर दाने को सावधानी से पकड़कर काम करना पड़ता है।
प्रेरणा से मिली पहचान
आरुषि ने कहा कि अलग और चुनौतीपूर्ण कार्य करने की इच्छा ने उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ाया। उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि समर्पण, धैर्य और सही दिशा में मेहनत से युवा बड़ी पहचान बना सकते हैं। आरुषि की इस सफलता पर परिवार, मित्रों और शहरवासियों में खुशी का माहौल है। यह उपलब्धि अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
