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बिलासपुर पुलिस की कार्यशाला: आधुनिक तकनीक से अपराधियों पर नजर और यातायात प्रबंधन को लेकर विवेचकों को दिया गया प्रशिक्षण

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बिलासपुर, 15 मार्च (वेदांत समाचार)। जिले में अपराध नियंत्रण और यातायात प्रबंधन को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस द्वारा रविवार को विलासा गुड़ी पुलिस लाइन में विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी विवेचकों, थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को आधुनिक तकनीकी प्रणालियों की विस्तृत जानकारी दी गई।

उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर आयोजित इस कार्यशाला में विवेचकों को इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS), नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS), नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड (NATGRID) और सशक्त एप के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया। सेमिनार में अधिकारी, थाना प्रभारी और विवेचक फिजिकल और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से शामिल हुए।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए हाईटेक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके तहत शहर में सीसीटीवी कैमरे, एएनपीआर कैमरे, रांग वे डिटेक्शन, स्पीड डिटेक्शन सिस्टम समेत करीब 550 कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा 23 पब्लिक एड्रेस सिस्टम, 10 वेरिएबल मैसेज डिस्प्ले (VMD) और 3 स्मार्ट पोल भी लगाए गए हैं, जिनमें पर्यावरण सेंसर, वाई-फाई और सोलर लाइट जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।

इन सभी प्रणालियों का संचालन इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से किया जाता है। यहां एकत्रित डाटा के आधार पर न केवल यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाता है, बल्कि अपराधियों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जाती है।

कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के जनरल मैनेजर वाई. श्रीनिवास ने तकनीकी प्रणालियों की जानकारी दी। वहीं सशक्त एप के माध्यम से चोरी हुए वाहनों की तलाश और आरोपियों की गिरफ्तारी में मिल रही मदद के बारे में डॉ. संकल्प राय और आरक्षक आनंद कुर्रे ने प्रशिक्षण दिया।

इसके अलावा नेटग्रिड के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय आपराधिक गिरोहों की पहचान और गिरफ्तारी में मिलने वाली सहायता के बारे में सीएसपी निमितेश सिंह ने जानकारी दी। वहीं एनएएफआईएस प्रणाली के जरिए अपराधियों के फिंगरप्रिंट और अन्य डाटा के राष्ट्रीय स्तर पर संग्रहण और पहचान की प्रक्रिया पर फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ विद्या जौहर ने विस्तार से जानकारी दी।

इस कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल, सीएसपी गगन कुमार, सीएसपी निमितेश सिंह, स्मार्ट सिटी के अधिकारी सहित जिले के सभी थाना प्रभारी, विवेचक और गुजरात से आए पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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