दुर्ग , 17 मार्च (वेदांत समाचार) : दुर्ग जिले में अवैध अफीम खेती और उससे जुड़ी तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में पुलगांव थाना क्षेत्र के समोदा–झेनझरी गांव में चल रहे मामले में पुलिस ने राजस्थान के एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से अफीम डोडा चूरी की बिक्री से जुड़ी रकम बरामद हुई है। अब तक इस पूरे मामले में कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दुर्ग जिले के समोदा में बीजेपी नेता द्वारा अफीम की खेती की जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विकास बिश्नोई, विनायक ताम्रकार, मनीष उर्फ गोलू ठाकुर और छोटू राम को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 15 मार्च को रेड कार्रवाई करते हुए रणछोड़ राम उर्फ रणजीत और सुनील देवासी को भी पकड़ा गया था। इनके पास से अफीम डोडा और नगदी बरामद की गई थी।
विकास बिश्नोई से मिली पुलिस को अहम जानकारी
जांच के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी विकास बिश्नोई को रिमांड पर लिया। पूछताछ में उसने कई अहम जानकारी दी है। पुलिस को उसने बताया कि कबीरधाम जिले के ग्राम पालक में चिल्फी रोड पर बंजारी माता मंदिर के पास स्थित एक राजस्थानी भोजनालय ढाबा में अवैध रूप से अफीम डोडा चूरी बेची जा रही है। यह ढाबा मदरूपा राम विश्नोई चला रहा था।
पुलिस ने ढाबे में मारा छापा
इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 16 मार्च को गवाहों की मौजूदगी में ढाबे पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ढाबे के काउंटर से 42 हजार रुपये नगद और एक मोबाइल फोन बरामद किया। पुलिस का कहना है कि यह रकम अफीम डोडा चूरी की बिक्री से कमाई गई थी। जांच में पर्याप्त सबूत मिलने के बाद पुलिस ने मदरूपा राम विश्नोई (उम्र करीब 45 साल) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी राजस्थान के जोधपुर जिले का रहने वाला है। पुलिस ने इस मामले की जानकारी कबीरधाम जिले के बोड़ला थाना को भी दे दी है।
इससे पहले भी दो ढाबों पर हो चुकी है कार्रवाई
वहीं इस मामले में दो दिन पहले भी धमधा-बेमेतरा के दो ढाबों पर पुलिस ने कार्रवाई की थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास से नशीले पदार्थ की बिक्री से जुड़ी रकम मिलने के कारण इस मामले में NDPS एक्ट की धारा 27(a) भी जोड़ी गई है, जो इस तरह के अपराधों में कड़ी सजा का प्रावधान करती है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अफीम की खेती से लेकर उसकी सप्लाई तक का पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा था।
