रायगढ़, 17 मार्च (वेदांत समाचार) : रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ ब्लॉक में विशेष पिछड़ी जनजाति पंडो समुदाय के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं। अब उन्हें बिजली के बिल आने शुरू हो गए हैं, जो हजारों रुपए तक पहुंच रहे हैं। इससे पंडो जनजाति के लोग परेशान हैं। मंगलवार को पंडो समुदाय के लोग धरमजयगढ़ SDM कार्यालय पहुंचे और आवेदन सौंपकर राहत की मांग की। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत पुटुकछार के आश्रित ग्राम धौराभांठा में 35 परिवार लंबे समय से निवासरत हैं। यह गांव धरमजयगढ़ से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों तक बिजली बिल नहीं आया था, लेकिन इस साल अचानक से बिल आने लगे। कुछ परिवारों को 11,000 रुपए, जबकि कुछ को 16,000 रुपए तक का बिल आया है। इतने बड़े बिल का भुगतान करना उनके लिए संभव नहीं है। ऐसे में पंडो समुदाय ने आवेदन में 70-80 प्रतिशत तक छूट देने की मांग की है। ग्रामीणों ने आवेदन की प्रतिलिपि राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को भी भेजी है।
इतनी बड़ी राशि पटाना संभव नहीं
पंडो समुदाय के प्रतिनिधि राजुकुमार पंडो ने बताया कि बस्ती में कुल 35 पंडो परिवार हैं, जिनमें से कुछ परिवारों का बिल अभी नहीं आया है और बाद में आ सकता है। उनका कहना है कि उनकी आय सीमित है और इतनी बड़ी राशि का भुगतान आर्थिक रूप से संभव नहीं है। बता दें कि पंडो समुदाय को भारत सरकार की ओर से विशेष पिछड़ी जनजाति की श्रेणी में रखा गया है। यह समुदाय मुख्य रूप से जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करता है और आज भी पारंपरिक जीवन शैली अपनाता है।
70-80 प्रतिशत का छूट दिया जाए
ज्ञापन सौंपने आए राजुकुमार पंडो ने बताया कि वे विशेष पिछड़ी पंडो जनजाति से हैं और बिजली बिल की समस्या को लेकर SDM कार्यालय आए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 3–4 साल से उन्हें बिजली बिल नहीं मिला था, लेकिन इस साल अचानक बिल बढ़कर आने लगा। बस्ती में राशन कार्ड के अनुसार कुल 35 पंडो परिवार निवासरत हैं। इसमें कुछ परिवारों का बिजली बिल अभी नहीं आया है, जो बाद में आ सकता है। राजुकुमार पंडो ने कहा कि शासन से मांग की गई है कि बिल पर 70–80 प्रतिशत तक की छूट दी जाए।
