बिलासपुर में नाबालिक से दुष्कर्म: आरोपी को 20 साल की जेल और 4 लाख रुपये मुआवजा

बिलासपुर। तखतपुर थाना क्षेत्र में नाबालिक लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी जयकुमार लहरे उर्फ कलुआ को विशेष पास्को कोर्ट ने 20 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को पीड़िता को 4 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया।

विशेष अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एफटीसी और पास्को अधिनियम की पीठासीन अधिकारी न्यायाधीश पूजा जायसवाल ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि आरोपी का कृत्य पीड़िता के मानसिक और शारीरिक विकास पर आजीवन प्रभाव डालेगा।

घटना की पूरी जानकारी

पीड़िता के पिता ने 2024 में थाना तखतपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी नाबालिक पुत्री 8 नवंबर 2024 की सुबह बिना बताए कहीं चली गई थी और आज तक वापस नहीं आई। प्रारंभिक पूछताछ और पतासाजी में पता चला कि किसी ने लड़की को बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया था।

जांच में पुलिस ने पाया कि आरोपी जयकुमार लहरे ने 22 नवंबर 2024 को उत्तर प्रदेश के एक ईंट भट्टे में पीड़िता को रखा। पुलिस ने नाबालिक को सुरक्षित बरामद किया और आरोपी को 13 नवंबर 2024 को गिरफ्तार किया।

अदालत ने बताया कि घटना के समय पीड़िता की आयु 18 वर्ष से कम थी, इसलिए यह अपराध और भी गंभीर माना गया। न्यायालय ने उच्च न्यायालय के विवादित निर्णय को रद्द कर ट्रायल कोर्ट का फैसला बहाल किया।


अदालत ने टिप्पणी की कि इस प्रकार की घटनाएँ बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर घातक प्रभाव डालती हैं और आरोपी का कृत्य पीड़िता के लिए आजीवन घृणित प्रभाव छोड़ता है।