Vedant Samachar

बच्चों की स्किन पर सफेद दाग विटिलिगो की बीमारी है या विटामिन की कमी?

Vedant Samachar
3 Min Read

कई बच्चों की स्किन पर सफेद दाग दिखाई देने लगते हैं, जिन्हें देखकर माता-पिता चिंतित हो जाते हैं. अक्सर यह सवाल उठता है कि कहीं यह विटिलिगो जैसी बीमारी तो नहीं या फिर शरीर में किसी विटामिन की कमी का संकेत है. बच्चों की त्वचा बेहद सेंसिटिव होती है, इसलिए उसमें होने वाला हल्का बदलाव भी साफ नजर आने लगता है. सफेद दाग हमेशा गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होते, लेकिन बिना जांच के इन्हें नजरअंदाज करना भी सही नहीं है.

ऐसे में सही जानकारी होने से माता-पिता बेवजह घबराने से बच सकते हैं और जरूरत पड़ने पर समय रहते इलाज शुरू कर सकते हैं. कई बार सामान्य पोषण की कमी या त्वचा से जुड़ी हल्की समस्या भी इसका कारण हो सकती है. इसलिए सफेद दाग दिखने पर सही पहचान और समझ बेहद जरूरी होती है. आइए जानते हैं.

बच्चों की स्किन पर सफेद दाग के क्या हैं कारण?
मैक्स हॉस्पिटल में डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. सौम्या सचदेवा बताती हैं कि बच्चों की त्वचा पर सफेद दाग होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. कुछ मामलों में यह त्वचा के पिगमेंट यानी मेलानिन से जुड़ी गड़बड़ी के कारण होता है, जिससे स्किन का रंग हल्का पड़ने लगता है. विटामिन बी12, विटामिन डी, कैल्शियम या आयरन की कमी भी इसका कारण बन सकती है. फंगल इंफेक्शन, एलर्जी, चोट के निशान या ज्यादा धूप में रहने से भी सफेद दाग दिख सकते हैं.

इनमें से एक कारण विटिलिगो भी हो सकता है. विटिलिगो एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से पिगमेंट बनाने वाले सेल्स पर हमला कर देता है. इससे त्वचा के कुछ हिस्सों का रंग पूरी तरह सफेद हो जाता है. यह समस्या जेनेटिक कारणों या इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी से जुड़ी हो सकती है. इसलिए सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है.

विटिलिगो और विटामिन की कमी वाले दाग में फर्क कैसे पहचानें?
विटिलिगो के दाग आमतौर पर बिल्कुल सफेद, साफ किनारों वाले और धीरे-धीरे फैलने वाले होते हैं. कई बार इन जगहों के बाल भी सफेद हो जाते हैं. वहीं, विटामिन की कमी से बने दाग हल्के रंग के होते हैं और उनका आकार असमान हो सकता है. सही पोषण मिलने पर ऐसे दाग धीरे-धीरे कम भी हो सकते हैं.

कैसे करें बचाव?
बच्चों को संतुलित और पौष्टिक डाइट देना जरूरी है. उनके खाने में फल, हरी सब्जियां, दूध, दही और प्रोटीन शामिल करें. त्वचा की साफ-सफाई का ध्यान रखें और किसी भी बदलाव पर नजर रखें. लंबे समय तक दाग बने रहें तो डॉक्टर से जांच कराएं.

Share This Article