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आदिवासी व्यंजनों को मिल रही नई पहचान, देशभर में मिला पहला पुरस्कार…

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नई दिल्ली,23सितम्बर : राष्ट्रीय क्षितिज पर आदिवासी समाज के व्यंजनों को नई पहचान मिल रही है। हैदराबाद में आयोजित ’’बडिंग शेफ कॉम्पिटिशन‘‘ में आईएचएम रायपुर की टीम ने छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदाय के पारंपरिक व्यंजनों को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत कर लगातार तीसरी बार प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस कॉम्पिटिशन में देशभर के आईएचएम के छात्रों ने हिस्सा लिया।

देशभर में तीसरी बार प्रथम स्थान प्राप्त करने पर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा है कि “बडिंग शेफ कॉम्पिटिशन‘‘ में आईएचएम रायपुर के छात्रों ने अपनी अनूठी पाक कला को आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत कर निर्णायक मंडल को बेहद प्रभावित किया। “यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण है।”


सम्मान समारोह में सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी ने विजेता टीम को ट्रॉफी और पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने छात्रों की रचनात्मकता और छत्तीसगढ़ की समृद्ध खाद्य संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल भारतीय खानपान की असली पहचान को सामने लाती है।

उल्लेखनीय है कि पर्यटन मंत्री ने राज्य के आदिवासी युवक-युवतियों को होटल मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट रायपुर में निःशुल्क ट्रेनिंग हेतु प्रशिक्षण में होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति बस्तर तथा सरगुजा विकास प्राधिकरण के माध्यम से किए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। ईएचएम रायपुर के प्रिंसिपल विवेक आचार्य ने कहा कि “यह सफलता हमारे छात्रों की मेहनत, लगन और टीम भावना का परिणाम है। भारतीय पारंपरिक व्यंजनों को आधुनिक रूप में प्रस्तुत कर वैश्विक मंच तक पहुंचाया जा सकता है।” शतप्रतिशत प्लेसमेंट रिकार्ड के साथ एक और उपलब्धि संस्थान के साथ जुड़ गई है।

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