उत्तराखंड,09 जनवरी । उत्तराखंड के उत्तरकाशी में अंगीठी के धुएं से व्यक्ति की मौत और उसके साथी की हालात गंभीर है। दोनों रात को अंगीठी जलकर रजाई ढंग कर सो गए थे। सुबह देर तक दरवाजा खुला नहीं देखने पर पड़ोसियों ने आवाज लगाई। जब कोई जवाब नहीं आया तो लोगों ने दरवाजा तोड़ दिया और दोनों को बैड पर पड़ा देखा, जिसमें से एक की सांसें तेजी से चल रही थी। इसके बाद बिना देर किए दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने एक को मृत घोषित कर दिया। जबकि साथी की हालत गंभीर है।
घटना उत्तरकाशी के चामकोट गांव की है। मृतक की पहचान 40 वर्षीय व्यक्ति प्रमोद जोशी के तौर पर हुई और सुरेश चंद्र (60) की हालत गम्भीर है। दोनों लोग पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर के रहने वाले है। ये लोग यहां एक निमार्णाधीन बिल्डिंग में काम करने आए थे। मालिक देहरादून में रहता है। देर रात दोनों ने खाना खाया और उसके बाद अंगीठी जलाई। थोड़ी देर बाद दरवाजा बंद करके सो गए। सुबह जब लाइट फिट करने के लिए इलेक्ट्रीशियन आया तो उसने आवाज लगाई पर कोई जवाब नहीं आया।
इसके बाद दौड़कर ग्रामीणों को सूचना दी, जिसके बाद ग्रामीणों ने दरवाजा तोड़ा और 108 को बुलाया। आनन-फानन में दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रमोद जोशी को मृत घोषित कर दिया। जबकि सुरेश चंद्र की हालात गंभीर है। प्रमोद जोशी मिस्त्री का काम करता था। जबकि सुरेश चंद्र ठेकेदार का काम करता है। तीन दिन पहले ही काम पूरा होने के साथ 10 से 12 साथी वापस गांव लौट गए थे। लेकिन प्रमोद जोशी और सुरेश चंद्र का प्लान पूरा काम निपटाने के बाद वापस जाने का था फिलहाल परिजनों को सूचना दे दी गई है। जो देर शाम तक जिला अस्पताल पहुंचेंगे। इसके बाद ही मृतक का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।



