बुलंदशहर,30जुलाई। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में वर्ष 2018 में हुई हिंसक घटना में आज कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया। जिले के चिंगरावठी गांव में 3 दिसंबर 2018 को गोकशी की अफवाह के बाद भड़की हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक स्थानीय युवक सुमित की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में नामजद सभी 38 आरोपियों को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। इन सभी दोषियों को अब 1 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी। इस हिंसक घटना के पीछे कथित तौर पर गोकशी की सूचना थी, जिसके बाद भीड़ ने जमकर बवाल काटा।
हालात उस समय बेकाबू हो गए जब गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया और इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या कर दी गई। इसके साथ ही एक स्थानीय युवक सुमित भी हिंसा की चपेट में आ गया और उसकी भी मौत हो गई। घटना के बाद प्रदेशभर में हड़कंप मच गया था और सरकार को भी कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। मामले की जांच के दौरान कुल 38 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिनमें से कई आरोपी हिन्दूवादी संगठनों से जुड़े हुए थे।
इस केस की सुनवाई विशेष न्यायालय में चल रही थी, जहां सोमवार को सभी आरोपियों को दोषी करार दिया गया। बुलंदशहर जिला न्यायालय के विशेष लोक अभियोजक ने जानकारी दी कि, “मामले के सभी गवाहों और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने यह निर्णय लिया है। सजा पर अंतिम सुनवाई 1 अगस्त को होगी। हमें उम्मीद है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।”
मृतक इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की पत्नी ने फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि न्याय की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए ताकि शहीद पुलिसकर्मी का बलिदान व्यर्थ न जाए। इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है। पुलिस प्रशासन ने जिले में अतिरिक्त बल तैनात किया है ताकि सजा के दिन किसी प्रकार की अशांति न फैले।



