शिमला/हिमाचल प्रदेश। अदाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अदाणी एग्री फ्रेश लिमिटेड (एएएफएल) ने हिमाचल प्रदेश में चेरी खरीद कारोबार शुरू करने की घोषणा की है। कंपनी अब स्टोन फ्रूट श्रेणी में प्रवेश कर रही है, जिसमें चेरी के साथ आड़ू, प्लम जैसे फल भी शामिल हैं। इस पहल से हिमाचल के बागवानों को बड़े बाजार, बेहतर स्टोरेज सुविधा और उपज का अच्छा मूल्य मिलने की उम्मीद है।
कंपनी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में मौजूद उसकी कंट्रोल्ड एटमॉस्फियर (सीए) स्टोरेज सुविधाओं को चेरी के भंडारण और वितरण के लिए आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया गया है। इससे फलों की गुणवत्ता लंबे समय तक सुरक्षित रखी जा सकेगी और किसानों को नुकसान कम होगा।
7 मई 2026 को आयोजित “फ्रूट होराइजन 2026: ग्लोबलाइजिंग इंडियाज फ्रूट वैल्यू चेन” कार्यक्रम में एएएफएल के प्रतिनिधि मनीष अग्रवाल ने कहा कि कंपनी आगामी सीजन से चेरी की खरीद शुरू करेगी और भविष्य में अन्य स्टोन फ्रूट्स में भी विस्तार करेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल सेब खरीद के लंबे अनुभव और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की रणनीति का हिस्सा है।
अदाणी एग्री फ्रेश हिमाचल प्रदेश में संगठित तरीके से सेब खरीद, भंडारण और मार्केटिंग करने वाली शुरुआती कंपनियों में शामिल रही है। कंपनी ने वर्ष 2006 में “फार्म-पिक” ब्रांड के तहत काम शुरू किया था। पिछले 20 वर्षों में कंपनी 17 हजार से अधिक किसानों से 3 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा सेब खरीद चुकी है। इसके बदले किसानों को सीधे लगभग 1500 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
कंपनी ने हिमाचल प्रदेश में 25 हजार मीट्रिक टन क्षमता की आधुनिक स्टोरेज सुविधाएं विकसित की हैं। इससे किसानों को लंबे समय तक फल सुरक्षित रखने और देश के बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिली है।
एएएफएल का दावा है कि वह पारदर्शी ग्रेडिंग और सॉर्टिंग सिस्टम अपनाती है, जिसके जरिए फलों की गुणवत्ता के आधार पर कीमत तय होती है। इससे किसानों की पारंपरिक मंडियों पर निर्भरता कम होती है और उन्हें उपज का बेहतर मूल्य मिलता है।
कंपनी अपनी “डिजिटल मंडी” पहल का भी विस्तार कर रही है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए किसान बिना खरीद केंद्र पहुंचे दूर से ही अपनी उपज बेच सकते हैं। कंपनी अब इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को अन्य क्षेत्रों तक भी विस्तारित करने की तैयारी में है।
वर्तमान में एएएफएल हिमाचल प्रदेश के कुल सेब उत्पादन का लगभग 4 प्रतिशत खरीद रही है। कंपनी आने वाले समय में अपनी खरीद क्षमता और किसान नेटवर्क को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
अदाणी एग्री फ्रेश, अदाणी फाउंडेशन के साथ मिलकर बागवानी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और सामुदायिक विकास से जुड़े कार्य भी कर रही है। कंपनी का नेटवर्क हिमाचल प्रदेश के करीब 700 गांवों तक फैला हुआ है, जहां 17 हजार से अधिक किसान जुड़े हैं। इनमें 90 प्रतिशत से ज्यादा छोटे और सीमांत किसान शामिल हैं।
कंपनी के पास शिमला जिले के बिथल, सैंज और मेहंदली क्षेत्रों में 22,400 मीट्रिक टन क्षमता वाली अत्याधुनिक कंट्रोल्ड एटमॉस्फियर स्टोरेज सुविधाएं हैं। इसके अलावा कंपनी का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क देशभर में 76 थोक विक्रेताओं और लगभग 1500 रिटेलर्स तक फैला हुआ है।
फार्म-पिक ब्रांड के तहत कंपनी भारतीय फलों की मार्केटिंग करती है। साथ ही विदेशों से सेब, नाशपाती, कीवी, संतरा और अंगूर आयात कर भारतीय बाजार में बिक्री भी करती है।

