नौकरीपेशा लोगों और रिटायरमेंट की प्लानिंग करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है. पेंशन फंड रेगुलेटर PFRDA ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के नियमों में अहम बदलाव किए हैं. इन बदलावों का मकसद लोगों को ज्यादा लचीलापन देना है, ताकि रिटायरमेंट के बाद पैसों को लेकर चिंता कम हो और जरूरत पड़ने पर पैसा आसानी से मिल सके. नए नियम सरकारी, प्राइवेट और NPS-लाइट सभी सब्सक्राइबर्स पर लागू होंगे.
NPS अकाउंट पर अब मिलेगा लोन
सबसे बड़ा और काम का बदलाव यह है कि अब NPS अकाउंट को गिरवी रखकर बैंक से लोन लिया जा सकता है. इससे आपात स्थिति में बिना रिटायरमेंट फंड तोड़े पैसों की जरूरत पूरी की जा सकेगी. यह सुविधा NPS को और भी उपयोगी बना देती है.
अब 85 साल तक NPS में बने रह सकते हैं
पहले NPS में बने रहने की अधिकतम उम्र 75 साल थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 85 साल कर दिया गया है. यानी आप ज्यादा समय तक अपने पैसे को निवेश में रख सकते हैं और रिटायरमेंट के बाद भी फंड को बढ़ने का मौका मिलेगा. इससे उन लोगों को फायदा होगा जो देर तक काम करना चाहते हैं या अपने पैसे को तुरंत निकालना नहीं चाहते.
NPS से रिटायरमेंट के समय सबसे बड़ी परेशानी एन्युटी यानी पेंशन प्लान खरीदने को लेकर होती थी. अब यह नियम आसान कर दिया गया है. प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को अब अपने कुल फंड का सिर्फ 20 फीसदी हिस्सा ही एन्युटी में लगाना होगा. पहले यह सीमा 40 फीसदी तक थी. इसका मतलब साफ है कि अब ज्यादा पैसा एकमुश्त आपके हाथ में आएगा.
8 लाख रुपये तक पूरा पैसा निकालने की छूट
अगर आपके NPS खाते में कुल जमा रकम 8 लाख रुपये या उससे कम है, तो आप पूरा पैसा एक साथ निकाल सकते हैं. सरकारी कर्मचारियों के पास यह विकल्प रहेगा कि वे चाहें तो 40 फीसदी पैसा पेंशन में लगाएं, जबकि प्राइवेट कर्मचारियों के लिए न्यूनतम एन्युटी सीमा 20 फीसदी रखी गई है.
किस्तों में पैसा निकालने का नया तरीका
सरकार ने पैसा निकालने का एक नया और आसान विकल्प शुरू किया है, जिसे सिस्टमैटिक यूनिट रिडेम्पशन यानी SUR कहा जाता है. यह म्यूचुअल फंड के SWP जैसा है. जिन लोगों का फंड 8 से 12 लाख रुपये के बीच है, वे 6 लाख रुपये एकमुश्त निकाल सकते हैं और बाकी पैसा कम से कम 6 साल तक किस्तों में ले सकते हैं. इससे रिटायरमेंट के बाद हर महीने नियमित इनकम मिलती रहेगी.
60 साल से पहले और बाद में निकासी के नियम
अब 60 साल की उम्र से पहले NPS से पैसा निकालने की सीमा बढ़ाकर 4 बार कर दी गई है. हालांकि, हर निकासी के बीच कम से कम 4 साल का अंतर जरूरी होगा. वहीं, 60 साल के बाद भी अगर आप NPS में बने रहते हैं, तो हर 3 साल में अपने योगदान का 25 फीसदी तक निकाल सकते हैं.



