[metaslider id="114975"] [metaslider id="114976"]

10 साल में सबसे कम हुई महंगाई, GST कटौती का दिखा असर

10 साल में सबसे कम हुई महंगाई, GST कटौती का दिखा असर

भारत में महंगाई पर आम लोगों को बड़ी राहत मिली है. अक्टूबर महीने में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर सिर्फ 0.25% रह गई है, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे निचला स्तर है. सितंबर में यह दर 0.54% थी. लगातार चार महीने से महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक के 4% के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है. यह लगातार सातवां महीना है जब इन्फ्लेशन केंद्रीय बैंक की 6% की ऊपरी सीमा से भी कम रही है.

खाद्य पदार्थों की कीमतों में आई बड़ी गिरावट
महंगाई घटने की सबसे बड़ी वजह खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार कमी है. खासतौर पर सब्ज़ियों के दाम में पिछले छह महीनों से लगातार दो अंकों की गिरावट देखी जा रही है. चूंकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में खाद्य पदार्थों की हिस्सेदारी करीब आधी है, इसलिए खाने-पीने की चीजों के सस्ते होने से कुल महंगाई पर बड़ा असर पड़ा है.

GST रेट कट का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि GST दरों में की गई कटौती ने भी इस गिरावट में योगदान दिया है. सितंबर के आखिर में कई जरूरी वस्तुओं पर टैक्स दरें घटाई गई थीं, जिसका असर अब महंगाई के आंकड़ों में साफ नजर आ रहा है.

अर्थव्यवस्था तेज, पर महंगाई धीमी
दिलचस्प बात यह है कि महंगाई घटने के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज बनी हुई है. अप्रैल-जून तिमाही में भारत की GDP करीब 8% की दर से बढ़ी है. यानी उत्पादन और खर्च में तेजी के बावजूद कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हो रही है. यही वजह है कि अब उम्मीद की जा रही है कि RBI आने वाले महीने में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, ताकि विकास को और बढ़ावा मिले.

RBI का नया अनुमान और आगे की स्थिति
भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी हालिया बैठक में कहा कि मौजूदा हालात नीतिगत ढील (Rate Cut) के लिए अनुकूल हैं. हालांकि, बैंक ने फिलहाल ब्याज दरों को स्थिर रखा है. RBI का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 में महंगाई और घटकर 2.6% रह सकती है, जो उसके पहले के 3.1% अनुमान से काफी कम है. तिमाही के हिसाब से अनुमान है कि दूसरी और तीसरी तिमाही में यह 1.8%, चौथी में 4% और अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 4.5% तक रह सकती है.

सावधानी भी जरूरी
केंद्रीय बैंक ने हालांकि आगाह किया है कि भू-राजनीतिक तनाव, व्यापारिक अवरोध और आयात शुल्क में बदलाव जैसे कारण भविष्य में महंगाई के रुख को प्रभावित कर सकते हैं. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि खाद्य कीमतों में आई तेज गिरावट और GST दरों के युक्तिकरण ने समग्र महंगाई के परिदृश्य को और अनुकूल बना दिया है.

[metaslider id="133"]

Vedant Samachar