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]]>टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश
दूरसंचार विभाग (DoT) ने हाल ही में टेलीकॉम और सबसी केबल ऑपरेटर्स के साथ बैठक कर उन्हें बैकअप प्लान तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। युद्ध के कारण केबल्स टूटने या उनकी मेंटेनेंस में देरी होने की आशंका है। सरकार ने कंपनियों से संभावित खतरों की समीक्षा कराने और बैकअप प्लान तैयार करने के लिए समयसीमा की जानकारी मांगी है। इसके अलावा कंपनियों ने इंटरनेट केबल की सुरक्षा के लिए ईरान के साथ बातचीत में मदद भी मांगी है।
समुद्री केबल्स का महत्व
दुनियाभर में इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए लगभग 95% डेटा समंदर में बिछाई गई केबल्स के माध्यम से जाता है। भारत में 14 लैंडिंग स्टेशनों पर 17 ऐसी केबल्स मौजूद हैं, जो चेन्नई, मुंबई, कोच्चि और तूतीकोरिन में स्थित हैं। यदि होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर की केबल्स को नुकसान पहुंचता है, तो भारत के इंटरनेट ट्रैफिक को वैकल्पिक रूट्स से डायवर्ट किया जा सकता है। हालांकि इससे इंटरनेट स्पीड पर असर पड़ेगा और वैकल्पिक रूट्स पर लोड बढ़ सकता है।
खतरे की मुख्य जगहें
समंदर में बिछी इंटरनेट केबल्स को वर्तमान में दो प्रमुख जगहों होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर में स्थित बाब-अल-मंदाब पर सबसे ज्यादा खतरा है। युद्ध के कारण इन क्षेत्रों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का पूरा नियंत्रण है, जबकि बाब-अल-मंदाब को ईरान समर्थित हूती विद्रोही ब्लॉक करने की धमकी दे रहे हैं। लाल सागर में पहले से ही स्थिति तनावपूर्ण थी और अब युद्ध के बाद यह और जटिल हो गई है।
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]]>The post 86 किलोग्राम भारोत्तोलन में महाराष्ट्र की साक्षी बुरकुले ने जीता स्वर्ण appeared first on Vedant Samachar.
]]>साक्षी बुरकुले ने स्नैच में 68 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 82 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 150 किलोग्राम के साथ पहला स्थान हासिल की, उनका प्रदर्शन पूरे मुकाबले में सबसे मजबूत रहा।छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल की। उन्होंने कुल 121 किलोग्राम (स्नैच 55 किलोग्राम, क्लीन एंड जर्क 71 किलोग्राम) वजन उठाया। वहीं असम की बिटुपुना देओरी ने 118 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता में असम की लिंडा 114 किलोग्राम के साथ चौथे स्थान पर रहीं, जबकि त्रिपुरा की सुमी मोग (77 किलोग्राम) और आंध्र प्रदेश की जेसी रानी (61 किलोग्राम) क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर रहीं।इस स्पर्धा में खिलाडि़यों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां हर प्रतिभागी ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास किया। दर्शकों ने प्रत्येक खिलाडि़यों की हौंसला अफजाई करते हुए खिलाडि़यों का उत्साहवर्धन कर इस पूरे आयोजन को जीवंत बनाए रखा।
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]]>The post एक महीने से लापता रहने वाले पटवारी पर प्रशासन का एक्शन, तत्काल प्रभाव से किए गए निलंबित… appeared first on Vedant Samachar.
]]>इस दौरान उन्होंने न तो किसी प्रकार की सूचना दी और न ही अवकाश स्वीकृत कराया। उनके इस रवैये के कारण क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे थे, जिससे आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर एसडीएम सिमगा ने कार्रवाई करते हुए पटवारी को निलंबित कर दिया। प्रशासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1966 का उल्लंघन माना है। जारी आदेश के मुताबिक, निलंबन अवधि के दौरान पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय सिमगा निर्धारित किया गया है। साथ ही इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
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]]>The post लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को सुदृढ़, विश्वसनीय और जनोन्मुखी बनाएं : राज्यपाल डेका… appeared first on Vedant Samachar.
]]>रायपुर,29 मार्च (वेदांत समाचार) : राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि लोकतंत्र में व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बाद पत्रकारिता को चतुर्थ स्तंभ माना गया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि एक मिशन और साधना है। समाज का दर्पण कहलाने वाली पत्रकारिता ने सदैव जनता और सत्ता के बीच संपर्क-सेतु की भूमिका निभाई है और लोगों को जागरूक किया है। इसलिए इसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है।
राज्यपाल डेका रविवार को भिलाई सेक्टर 4 स्थित एस.एन.जी. ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि की आंसदी से सम्बोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया, पत्रकारों की भूमिका की सराहना की और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया। राज्यपाल डेका ने इस अवसर पर महिला पत्रकारों को उनकी उत्कृष्ट लेखनी के लिए सम्मानित किया, जिसमें शगुफ्ता शीरीन, अनुभूति भाखरे, कोमल धनेसर, साक्षी सोनी शामिल है। इसी प्रकार समाज सेवी महिलाओं साधना चतुर्वेदी, अंजना श्रीवास्तव, लता बौद्ध, दीप्ति सिंग, सुनीता जैन को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
राज्यपाल डेका ने वर्तमान चुनौतियों का जिक्र करते हुए अवगत कराया कि आज पत्रकारिता एक कठिन दौर से गुजर रही है। सोशल मीडिया के विस्फोट ने सूचना के प्रवाह को लोकतांत्रिक तो बनाया है, लेकिन साथ ही विश्वास का गंभीर संकट भी खड़ा किया है। फेसबुक, व्हाट्सएप और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर हर व्यक्ति ‘पत्रकार‘ बन चुका है और सत्यापन से पहले ही समाचार वायरल हो जाते हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि ‘फेक न्यूज‘ और ‘डीपफेक‘ ने सच और झूठ के बीच की रेखा धुंधली कर दी है। इन सबके बीच आज भी प्रिंट मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता को कायम रखा है। राज्यपाल ने कहा कि इन चुनौतियों का सामना करने के लिए पत्रकारिता को अपने मूल आदर्शों की ओर लौटना होगा।
एक स्वस्थ पत्रकारिता ही एक स्वस्थ लोकतंत्र की नींव है। उन्होंने इस चौथे स्तंभ को और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय और जनोन्मुखी बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर दुबे, सचिव सतीश बौद्ध एवं अन्य पदाधिकारी और राजाराम त्रिपाठी, प्रो. संजय त्रिवेदी, वरिष्ठ पत्रकार गिरीश पंकज सहित बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के पत्रकार उपस्थित थे।
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]]>The post रेल यात्रियों को राहत: गोंदिया से गुजरने वाली रद्द एक्सप्रेस ट्रेनें बहाल appeared first on Vedant Samachar.
]]>मेंटेनेंस के कारण हुई थी रद्द
गोंदिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3 पर वॉशेबल एप्रन हटाकर बैलस्टेड ट्रैक में बदलने का कार्य किया जा रहा था, जिसके चलते इन ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द किया गया था। अब कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों को पुनः चालू किया जा रहा है।
इन ट्रेनों का परिचालन बहाल
रेलवे प्रशासन ने निम्नलिखित ट्रेनों को उनके निर्धारित समय के अनुसार बहाल किया है—
गाड़ी संख्या 18030 (शालीमार–लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस): 4 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक
गाड़ी संख्या 18029 (लोकमान्य तिलक टर्मिनल–शालीमार एक्सप्रेस): 6 अप्रैल से 26 अप्रैल 2026 तक
गाड़ी संख्या 12101 (ज्ञानेश्वरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस): 4, 5, 7, 8, 11, 12, 14, 15, 18, 19, 21 और 22 अप्रैल को
गाड़ी संख्या 12102 (ज्ञानेश्वरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस): 6, 7, 9, 10, 13, 14, 16, 17, 20, 21, 23 और 24 अप्रैल को
यात्रियों से अपील
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी रेलवे हेल्पलाइन 139, आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से जरूर जांच लें।
इस निर्णय से यात्रियों को यात्रा में होने वाली असुविधा से राहत मिलने की उम्मीद है।
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]]>The post प्रदेश के इन शिक्षकों को बड़ा झटका, जारी हुआ नौकरी से निकालने के आदेश, हजारों टीचरों के पास अब रोजी-रोटी का संकट… appeared first on Vedant Samachar.
]]>शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा अभियान की आगामी स्वीकृति को लेकर भारत सरकार से अभी तक कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। इसी कारण यह निर्णय लिया गया है कि अतिथि स्पेशल एजुकेटर की सेवाएं 31 मार्च के बाद नहीं ली जाएंगी। गौरतलब है कि इससे पहले इन शिक्षकों की सेवाएं 30 अप्रैल 2026 तक जारी रखने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन अब उस आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 31 मार्च के बाद यदि किसी विद्यालय में स्पेशल एजुकेटर कार्यरत पाए जाते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित संस्था के प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी की होगी।
इस फैसले से प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है, वहीं दिव्यांग बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। अतिथि शिक्षक संघ के सचिव ने कहा कि आईसीटी लेब इंस्ट्रक्टर , स्पेशल एजुकेटर्स को बहाल किया जाए। सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च हर जिले में आईसीटी लैब्स बनाए हैं। इनमें कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर ही बच्चों को डिजिटल टेक्नोलॉजी की पढ़ाई कराते हैं। इंस्ट्रक्टर नहीं रहेंगे तो बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ होगा। 12 महीने की नियुक्ति देने का काम सरकार करे।
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]]>The post KORBA : भक्ति और श्रद्धा के संग हुआ सत्संग विहार कोरबा मंदिर का भव्य उद्घाटन… appeared first on Vedant Samachar.
]]>इसके पश्चात कार्यक्रम का अगला चरण सरस्वती शिशु मंदिर, स्कूल सीतामणी के प्रांगण में आयोजित हुआ, जहां भक्तों द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर प्रभु भक्ति का रसपान किया गया। मधुर भजनों और सामूहिक कीर्तन ने श्रद्धालुओं को भक्ति भाव में सराबोर कर दिया। अंत में सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर कार्यक्रम का समापन किया। इस पूरे आयोजन में क्षेत्र के श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने इसे एक ऐतिहासिक और स्मरणीय अवसर बना दिया।
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]]>The post अमेरिका ने ईरान में 11 हजार से ज़्यादा सैन्य ठिकानों पर हमला किया appeared first on Vedant Samachar.
]]>सेंटकॉम ने दावा है कि अमरीकी वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने 11,000 से ज़्यादा उड़ानें भरी हैं। गौरतलब है कि अमेरिका और इज़रायल ने 28 फरवरी को ईरान में ठिकानों पर हमला करना शुरू किया था। ईरान, इज़रायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर भी जवाबी हमला कर रहा है। अमेरिका और इजरायल ने इस सैन्य अभियान की शुरुआत को एक ‘पहले से किया गया हमला’ बताया और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से कथित खतरों का हवाला दिया।
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]]>The post कर्ज से परेशान परिवार ने उठाया खौफनाक कदम, दो की मौत, दो गंभीर appeared first on Vedant Samachar.
]]>मां-बेटी की मौके पर मौत
मृतकों की पहचान 55 वर्षीय आशा और उनकी 34 वर्षीय बेटी वर्षिता के रूप में हुई है। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, आशा का बेटा मोहन गौड़ा (32) और वर्षिता का 11 वर्षीय बेटा मयंक गंभीर रूप से घायल हैं और एक निजी अस्पताल में उनका इलाज जारी है।
वीडियो बनाकर दी जानकारी
पुलिस के अनुसार, आरोपी मोहन गौड़ा ने घटना से पहले एक वीडियो बनाकर रिश्तेदारों को भेजा था, जिसमें परिवार के कर्ज से परेशान होने और आत्मघाती कदम उठाने की बात कही गई थी।
दरवाजा तोड़कर पहुंचे रिश्तेदार
वीडियो देखने के बाद परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी प्रयास के बाद वे पीछे के रास्ते से घर में दाखिल हुए, जहां का दृश्य बेहद भयावह था।
कर्ज का दबाव बना वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार भारी कर्ज के दबाव में था। कर्जदाताओं के लगातार दबाव और तकाजों से परेशान होकर यह खौफनाक कदम उठाया गया। हालांकि कर्ज की राशि और स्रोत की जांच अभी जारी है।
जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कर्ज कहां से लिया गया था और क्या इस मामले में किसी साहूकार की भूमिका थी। यह घटना एक बार फिर आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव के गंभीर असर को उजागर करती है।
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]]>The post दिल्ली में छोटे उल्लंघनों पर बढ़ा जुर्माना, पेशाब-थूकने से लेकर कुत्ता घुमाने तक नए नियम लागू appeared first on Vedant Samachar.
]]>सार्वजनिक स्थानों पर नियम कड़े
अब सार्वजनिक जगहों पर पेशाब करना, थूकना या गंदगी फैलाना महंगा पड़ेगा। पहले जहां इन उल्लंघनों पर ₹50 का जुर्माना था, वहीं अब इसे बढ़ाकर ₹500 कर दिया गया है।इसी तरह, अपने पालतू कुत्ते को बिना पट्टे के घुमाने पर अब ₹1,000 तक का जुर्माना देना होगा, जो पहले मात्र ₹50 था।
निर्माण और संपत्ति से जुड़े नियम भी सख्त
घरों के नंबर को नुकसान पहुंचाने पर ₹1,000 जुर्माना तय किया गया है। वहीं सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर अवैध निर्माण करने पर अब ₹5,000 तक का दंड लगाया जाएगा, जो पहले ₹100 था।
छोटे व्यापारियों पर भी बढ़ा जुर्माना
बिना लाइसेंस चाय दुकान या फूड स्टॉल चलाने पर अब ₹1,000 का जुर्माना लगेगा, जो पहले ₹100 था।
मांस, मछली या पोल्ट्री व्यवसाय बिना लाइसेंस करने पर भी जुर्माना बढ़ाया गया है।
सार्वजनिक स्थानों पर पशु बांधने या दूध निकालने पर अब ₹1,000 का दंड निर्धारित किया गया है।
जेल की सजा खत्म, केवल आर्थिक दंड
इस संशोधन का एक बड़ा बदलाव यह है कि कई मामूली अपराधों के लिए जेल की सजा पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।
अब नगर निगम के नियमों के उल्लंघन पर केवल आर्थिक दंड लगाया जाएगा, जो अधिकतम ₹500 तक हो सकता है।
कुछ छोटे उल्लंघनों को पूरी तरह समाप्त भी कर दिया गया है।
NDMC अधिनियम में भी बदलाव
NDMC अधिनियम के तहत 145 प्रावधानों को गैर-आपराधिक बनाया गया है।
68 मामलों में जेल और जुर्माने को केवल आर्थिक दंड में बदला गया है, जबकि 26 मामलों में दंड पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
साथ ही, संपत्ति कर प्रणाली में बदलाव करते हुए यूनिट एरिया मेथड लागू किया जाएगा, जिससे अधिकतम कर दर 30% से घटकर 20% हो जाएगी।
क्या है उद्देश्य
सरकार का कहना है कि इन बदलावों का मकसद नियमों को सरल बनाना, नागरिकों और छोटे व्यापारियों के लिए अनुपालन आसान करना और शहर में स्वच्छता व व्यवस्था बनाए रखना है। जुर्माने बढ़ाकर और जेल की सजा हटाकर एक संतुलित व्यवस्था बनाने की कोशिश की गई है।
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