Vedant Samachar

प्रदेश के इन शिक्षकों को बड़ा झटका, जारी हुआ नौकरी से निकालने के आदेश, हजारों टीचरों के पास अब रोजी-रोटी का संकट…

Vedant Samachar
2 Min Read

भोपाल,29 मार्च : मध्य प्रदेश में शिक्षा विभाग ने हाई सेकेंडरी स्कूलों में पदस्थ अतिथि स्पेशल एजुकेटर (विशेष शिक्षकों) को हटाने का निर्णय लिया है। विभाग द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार इन शिक्षकों की सेवाएं अब केवल 31 मार्च तक ही ली जाएंगी। जानकारी के मुताबिक राज्यभर में हजारों अतिथि स्पेशल एजुकेटर कार्यरत थे, जो स्कूलों में दिव्यांग बच्चों को शिक्षण कार्य प्रदान कर रहे थे। ये शिक्षक अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्त किए गए थे और समावेशी शिक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहे थे।

शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा अभियान की आगामी स्वीकृति को लेकर भारत सरकार से अभी तक कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। इसी कारण यह निर्णय लिया गया है कि अतिथि स्पेशल एजुकेटर की सेवाएं 31 मार्च के बाद नहीं ली जाएंगी। गौरतलब है कि इससे पहले इन शिक्षकों की सेवाएं 30 अप्रैल 2026 तक जारी रखने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन अब उस आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 31 मार्च के बाद यदि किसी विद्यालय में स्पेशल एजुकेटर कार्यरत पाए जाते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित संस्था के प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी की होगी।

इस फैसले से प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है, वहीं दिव्यांग बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। अतिथि शिक्षक संघ के सचिव ने कहा कि आईसीटी लेब इंस्ट्रक्टर , स्पेशल एजुकेटर्स को बहाल किया जाए। सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च हर जिले में आईसीटी लैब्स बनाए हैं। इनमें कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर ही बच्चों को डिजिटल टेक्नोलॉजी की पढ़ाई कराते हैं। इंस्ट्रक्टर नहीं रहेंगे तो बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ होगा। 12 महीने की नियुक्ति देने का काम सरकार करे।

Share This Article