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साल 2026 में ये कंपनियां करा सकती है मालामाल, देती हैं तगड़ा डिविडेंड

डिविडेंड देने वाले शेयर हमेशा से उन निवेशकों की पहली पसंद रहे हैं जो स्थिर और नियमित आय की तलाश में रहते हैं. ऐसी कंपनियां आमतौर पर मजबूत बैलेंस शीट, स्थिर बिज़नेस और लगातार कैश कमाई वाली होती हैं. बाजार में उतार-चढ़ाव के समय भी ये शेयर सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं. 2026 में तीन बड़ी कंपनियों कोल इंडिया, NTPC और पॉलिकैब इंडिया से ज्यादा डिविडेंड देने की उम्मीद जताई जा रही है. इन तीनों का रिकॉर्ड और फाइनेंशियल स्थिति निवेशकों का भरोसा बढ़ाती है.

कोल इंडिया ने लगातार बढ़ाया डिविडेंड
कोल इंडिया दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी कोयला कंपनी है और भारत के कुल उत्पादन का 8085% हिस्सा निकालती है. कंपनी ने पिछले तीन वर्षों में लगातार डिविडेंड बढ़ाया है. FY23 में ₹24.25, FY24 में ₹25.50 और FY25 में ₹26.50 प्रति शेयर. हालांकि Q2 FY26 में कंपनी की आय और मुनाफे में गिरावट आई है, लेकिन लंबे समय के लिए तय फ्यूल सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट और प्रोडक्शन विस्तार की योजनाएं इसे स्थिर बनाए रखती हैं. कंपनी कोयला गैस, CBM और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे नए क्षेत्रों में भी बढ़ रही है, जिससे भविष्य में कैश फ्लो बेहतर हो सकता है.

NTPC की ग्रीन एनर्जी पर बड़ी प्लानिंग
NTPC भारत की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी है और उसकी डिविडेंड देने की परंपरा भी मजबूत रही है. FY23 के ₹7.25 प्रति शेयर से FY25 में यह ₹8.35 तक पहुंच गया है. Q2 FY26 में NTPC की आय लगभग स्थिर रही, लेकिन नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹29,681 करोड़ हो गया. कंपनी 2030 तक 500 GW गैर-फॉसिल फ्यूल क्षमता जोड़ने और 2032 तक 60 GW रिन्यूएबल एनर्जी लगाने की दिशा में काम कर रही है. यह ट्रांजिशन भविष्य में कंपनी की कमाई को स्थिर और मजबूत रख सकता है.

पॉलिकैब इंडिया तेज ग्रोथ और बढ़ता डिविडेंड
वायर और केबल सेक्टर की दिग्गज पॉलिकैब ने भी डिविडेंड में लगातार बढ़ोतरी की है. FY23 में ₹20 से FY25 में ₹35 प्रति शेयर. Q2 FY26 में कंपनी की आय ₹64,772 करोड़ और नेट प्रॉफिट 55% बढ़कर ₹6,930 करोड़ हो गया. पॉलिकैब 2030 तक 27% सेल्स CAGR का लक्ष्य रख रही है और ₹80 अरब का निवेश कर क्षमता बढ़ा रही है.

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