काठमांडू,29 मार्च: खाड़ी देशों में जारी युद्ध के चलते जहां दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल और प्राकृति गैस की कीमतों में ताबड़तोड़ वृद्धि देखने को मिल रही है। युद्ध के चलते सप्लाई बाधित होने के चलते कई देशों के सामने ईंधन का संकट हो गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि पेट्र्रोल-डीजल के रेट में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। नेपाल में भी पेट्रोल-डीजल के रेट में 30 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है, जो आम जनता के लिए किसी झटके से कम नहीं है।
पेट्रोल 30 और डीजल 25 रुपए महंगा
मिली जानकारी के अनुसार ईंधन संकट के बीच नेपाल की सरकार ने पिछले 10 दिनों के भीतर पेट्रोल के रेट में 30 और डीजल की कीमत में 25 रुपए की बढ़ोतरी की है। दाम बढ़ने के बाद पेट्रोल 187 रुपए प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीज़ल की कीमत 167 रुपए प्रति लीटर हो गई है।
गैस के दाम में कोई बदलाव नहीं
हालांकि, नेपाल की सरकारी तेल कंपनी NOC ने दावा करते हुए कहा है कि सरकार ने जनता की हितो का ध्यान रखते हुए कीमतों में मामूली बढ़ोतरी की है। जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बेतहाशा बढ़ रही है। इंटरनेशनल मार्केट के हिसाब से फ्यूल की कीमतों को पूरी तरह से एडजस्ट नहीं किया है। उन्होंने बताया कि गैस के दाम में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं किया गया है।
भारत ने श्रीलंका को भेजी मदद
भारत से 38,000 टन डीजल और पेट्रोल की संयुक्त खेप शनिवार को श्रीलंका पहुंचने वाली है। भारतीय उच्चायोग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच 24 मार्च को टेलीफोन पर हुई बातचीत के परिणामस्वरूप ईंधन खेप कोलंबो बंदरगाह पर पहुंचेगी।
इस 38,000 टन की खेप में 20,000 टन डीजल और 18,000 टन पेट्रोल शामिल है। खेप इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के स्थानीय परिचालन, लंका आईओसी (एलआईओसी) के माध्यम से आपात सहायता के रूप में यहां पहुंचेगी। पश्चिम एशिया में अस्थिर स्थिति को देखते हुए ऊर्जा स्थिरता के लिए सहायता के संबंध में श्रीलंका ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत की थी। अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ संयुक्त हमले शुरू किए जिसने बदले में जवाबी कार्रवाई की। इससे युद्ध पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल गया। होर्मुज जलडमरूमध्य बाधित हुआ जो विश्व की ऊर्जा आपूर्ति के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बिंदु है।
