Vedant Samachar

ऊर्जा संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई; जानिए अब कितनी हुई

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नई दिल्ली,27 मार्च। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके कारण उपजे ऊर्जा संकट के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दरअसल सरकार ने शुक्रवार को प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला किया है। सरकार के इस कदम के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी, जो पहले 13 रुपये थी, वो अब घटकर 3 रुपये रह गई है और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी, जो पहले 10 रुपये थी, वो अब शून्य हो गई है। पेट्रोल और डीजल की कीमत पर बढ़ने से रोकने के लिए ये कदम मोदी सरकार ने उठाया है. ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल (पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन बनाने में प्रयुक्त कच्चा माल) की आधी आपूर्ति बाधित हुई है, लेकिन देश ने अगले 60 दिन के लिए अन्य स्रोतों से पर्याप्त कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित कर ली है.

क्‍या घटेंगें पेट्रोल-डीजल की कीमत?
ईरान और इजरायल-अमेरिका जंग के कारण अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में कटौती का फैसला आम जनता और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है. इस कदम का असर सीधे तौर पर ईंधन की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे तेल कंपनियों और लोगों की जेब पर पड़ने वाला बोझ कम होता है. सबसे पहला और महत्वपूर्ण लाभ यह है कि पेट्रोल और डीजल सस्ते सकते हैं, अगर तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाते हैं.

सूत्रों की मानें तो, एक्साइज ड्यूटी घटने से पेट्रोल और डीजल के दाम घटने की संभावना नहीं है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के नुकसान की भरपाई के लिए एक्साइज ड्यूटी घटाई गई है. मोदी सरकार के इस कदम से पेट्रोलियम कंपनियों और आम लोग दोनों को राहत मिलेगी.

भारत के पास कितने दिन का कच्‍चा तेल?
भारत ने अगले 60 दिन के लिए अन्य स्रोतों से पर्याप्त कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित कर ली है. पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि देश भर के सभी पेट्रोल पंप पर पर्याप्त भंडार है और वे सामान्य रूप से काम कर रहे हैं. पेट्रोल या डीजल की कोई राशनिंग नहीं की जा रही है. बयान के अनुसार, विशेषकर छोटे शहरों में कुछ पेट्रोल पंप को पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा ‘कैश-एंड-कैरी’ यानी नकद भुगतान प्रणाली लागू किए जाने के बाद ईंधन की आपूर्ति में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. देशभर में पेट्रोल और डीजल की मांग में हाल के दिनों में अचानक वृद्धि देखी जा रही है. पिछले दो दिनों में बिक्री में अखिल भारतीय स्तर पर 15% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि कुछ स्थानों पर यह औसत दैनिक बिक्री की तुलना में 50% से अधिक तक पहुंची है. ये जानकारी ऐसे समय पर सामने आई है, जब देश कई कुछ राज्यों में अफवाहों की वजह से पानिक बाइंग की खबर आयी है.

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