इंदौर, 27 मार्च 2026। दुनियाभर में स्मार्ट रिंग के क्षेत्र में अग्रणी मानी जाने वाली कंपनी ŌURA ने आधिकारिक रूप से भारतीय बाजार में प्रवेश कर लिया है। कंपनी ने अपने लोकप्रिय प्रोडक्ट ‘ŌURA रिंग 4’ को भारत में लॉन्च किया है, जो अब क्रोमा स्टोर्स और अमेज़न पर उपलब्ध होगी। उन्नत तकनीक से लैस यह स्मार्ट रिंग उपयोगकर्ताओं को स्वास्थ्य से जुड़ी सटीक जानकारी प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है और इसे पूरे दिन आसानी से पहना जा सकता है।
भारत में एंट्री के साथ ही कंपनी ने ‘इंडिया: द स्टेट ऑफ स्लीप 2026’ रिपोर्ट भी जारी की है, जिसमें भारतीयों की नींद की आदतों को लेकर कई अहम और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। यह रिपोर्ट ŌURA स्मार्ट रिंग का उपयोग करने वाले लाखों भारतीय यूज़र्स के डेटा और उनके स्लीप पैटर्न के गहन विश्लेषण पर आधारित है।
कंपनी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर डग स्विनी ने बताया कि यह रिपोर्ट भारतीयों की बदलती जीवनशैली और उसकी वजह से प्रभावित हो रही नींद को समझने के उद्देश्य से तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त नींद बेहद जरूरी है, लेकिन व्यस्त दिनचर्या, देर रात तक काम और सोशल मीडिया की आदतों के कारण भारतीयों की नींद प्रभावित हो रही है। ŌURA रिंग लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और बेहतर जीवनशैली अपनाने में मदद करती है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत उन देशों में शामिल है जहां लोग सबसे कम नींद लेते हैं। भारतीय औसतन हर रात केवल 6 घंटे 28 मिनट ही सो पाते हैं, जो कि अन्य देशों की तुलना में करीब 40 मिनट कम है। विशेषज्ञों के मुताबिक, एक स्वस्थ वयस्क को 7 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कार्य समय, देर रात मीटिंग्स और डिजिटल गतिविधियों के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है।
नींद की कमी का असर लोगों के स्वास्थ्य पर साफ दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि आंखों की पुतलियों की तेज हलचल (REM स्लीप) कम होने से भावनात्मक संतुलन, याददाश्त और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो रही है। इसके चलते अधिकांश भारतीय सुबह उठने पर खुद को तरोताजा महसूस नहीं करते।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भारत देर रात तक जागने वाले लोगों का देश बनता जा रहा है, हालांकि दिन में झपकी लेने की अवधि यहां दुनिया में सबसे अधिक है। यह बदलती जीवनशैली और असंतुलित दिनचर्या का संकेत है, जिस पर ध्यान देने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, ŌURA की यह रिपोर्ट भारतीयों को अपनी नींद और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश देती है, साथ ही तकनीक के जरिए बेहतर जीवनशैली अपनाने की दिशा में एक कदम भी है।
