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Sanjay Dutt: जब खुद को देखकर डर गए संजय दत्त, पिता सुनील दत्त से मांगी थी मदद

मुंबई : बॉलीवुड सुपरस्टार संजय दत्त ने अपनी फिल्मों के साथ-साथ ड्रग्स की बुरी लत के चलते भी जमकर सुर्खियां बटोरी हैं. करियर की शुरुआत में ही वो ड्रग्स की लत के शिकार हो गए थे और इससे अभिनेता लंबे वक्त तक प्रभावित रहे. कभी ड्रग्स के नशे में वो इस कदर चूर हो चुके थे कि आईने में खुद को देखकर भी डर गए थे. इसके बाद उन्होंने इससे खुद को बाहर निकलने का मन बनाया और अपने पिता सुनील दत्त से मदद मांगी थी.

संजय दत्त पहले भी ये खुलासा कर चुके हैं कि ड्रग्स से छुटकारा पाने के लिए उन्होंने रिहैब सेंटर का सहारा लिया था. जहां से उन्हें काफी मदद मिली थी. वहीं अब एक बार फिर से उन्होंने इस मुद्दे पर बात की है. आइए जानते हैं कि अपनी लाइफ के सबसे बुरे दिनों को लेकर संजय दत्त ने क्या खुलासा किया था?

‘मैं देख सकता था कि मैं मर रहा हूं…’
संजय ने एक पॉडकास्ट में उन पलों के बारे में बात की है जब उन्हें ये एहसास हुआ था कि अब उन्हें ड्रग्स से दूरी बनानी होगी. खुद की हालत को देखने के बाद संजय ने नशे से खुद को दूर करने का फैसला किया था. उन्होंने कहा, ”टर्निंग पॉइंट मैं खुद था. एक सुबह मैं उठा, बाथरूम गया और खुद को देखा, तो मैं डर गया. मैं देख सकता था कि मैं मर रहा हूं. मेरा चेहरा कुछ और ही लग रहा था.”

पिता सुनील दत्त से मांगी मदद
संजय दत्त ने तब अपने पिता और दिग्गज अभिनेता सुनील दत्त से मदद मांगी थी. उन्होंने आगे बताया, ”इसलिए मैं उस समय अपने पिता (सुनील दत्त) के पास मदद के लिए गया. उन्होंने मेरी मदद की और मेरे साथ खड़े रहे. मैं उन खुशकिस्मत लोगों में से एक था जिन्हें उन दिनों अमेरिका के एक रिहैब में भेजा गया. मैंने वहां दो साल बिताए थे.”

बदल गई थी संजू की लाइफ
संजय दत्त ने आगे बताया कि रिहैब में वक्त गुजारने के दौरान वो काउंसलरों के साथ बाहर घूमे. झीलों के किनारे जाते थे और लोगों से ज्यादा बातें करने लगे थे. जबकि इससे पहले ड्रग्स के नशे में चूर होकर वो इस तरह की चीजों से दूर थे. उन्होंने आगे कहा, ”ये क्या बकवास है, मैं इतने साल बर्बाद कर रहा था?’ खूबसूरत झील को देखने, बारबेक्यू करने, हाईवे पर मैराथन दौड़ने, बाइक राइड लेने की बजाय ये कुछ और ही था. जो मैंने इतने सालों से कभी अनुभव नहीं किया था. मैंने कहा, ‘चाहे कुछ भी हो, यही जिंदगी मैं चाहता हूं. जो मैं जी रहा था, वो नहीं.’ यही टर्निंग पॉइंट था.”

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