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ज्यादा मीठा खाने से आंखों की रोशनी को हो सकता है नुकसान? रिसर्च में दावा

बदलती लाइफस्टाइल और खराब खानपान की आदतों के कारण लोग रोज़मर्रा की डाइट में जरूरत से ज्यादा मीठा लेने लगे हैं. शोध बताते हैं कि ज्यादा मीठा खाना आंखों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. मीठे का अत्यधिक सेवन डायबिटीज की बीमारी कर सकता है, जो बाद में डायबिटिक रेटिनोपैथी का खतरा बढ़ा देता है. यह एक गंभीर आई डिजीज है, जिसमें आंखों की रेटिना की छोटी रक्त नलिकाएं प्रभावित होने लगती हैं.

इस स्थिति में आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम होने लगती है. खास बात यह है कि यह समस्या केवल डायबिटीज के मरीजों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अधिक मीठा लेने वाले स्वस्थ लोगों में भी यह खतरा देखा जा सकता है. लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर बढ़ा रहने से आंखों पर दबाव बनता है और नजर पर असर पड़ने लगता है. इसलिए मीठे की मात्रा कंट्रोल रखना जरूरी है, ताकि आंखें स्वस्थ रह सकें.

सर गंगाराम अस्पताल में आई डिपार्टमेंट के पूर्व एचओडी डॉ एके ग्रोवर के मुताबिक,ज्यादा मीठा खाने से आंखों पर पड़ने वाले असर को शुरुआत में पहचानना मुश्किल हो सकता है, लेकिन धीरे-धीरे इसके लक्षण सामने आने लगते हैं. सबसे आम लक्षण है धुंधला दिखाई देना. इसके अलावा, व्यक्ति को आंखों के सामने काले धब्बे या फ्लोटर्स दिख सकते हैं. कभी-कभी रात में चीजें स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं और गाड़ी चलाते समय परेशानी होती है. आंखों में बार-बार संक्रमण या सूजन भी एक संकेत हो सकता है. कुछ लोगों को पढ़ने या मोबाइल स्क्रीन देखने में परेशानी होती है. अगर शुगर का स्तर लगातार बढ़ा रहे तो आंखों में दबाव और दर्द महसूस हो सकता है. ये सभी लक्षण नजर की कमजोरी और डायबिटिक रेटिनोपैथी की ओर इशारा करते हैं. ऐसे संकेत मिलने पर तुरंत आंखों के डॉक्टर से जांच करानी चाहिए, ताकि समय रहते इलाज शुरू किया जा सके.

ज्यादा मीठा खाने से कैसे आंखों को हो सकता है नुकसान?
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिसर्च के मुताबिक,जब शरीर में शुगर का स्तर बढ़ता है तो इसका सीधा असर आंखों की रेटिना पर पड़ता है. रेटिना में मौजूद छोटी-छोटी रक्त नलिकाएं ज्यादा शुगर की वजह से कमजोर हो जाती हैं. इससे उनमें सूजन आने लगती है और कई बार खून या तरल पदार्थ लीक होने लगता है. धीरे-धीरे यह स्थिति डायबिटिक रेटिनोपैथी में बदल जाती है, जिसमें आंखों की रोशनी प्रभावित होती है.

लगातार अधिक मीठा लेने से रेटिना को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे नई असामान्य रक्त नलिकाएं बनती हैं. ये नलिकाएं नाजुक होती हैं और टूटने पर आंखों में खून जम सकता है. इसका नतीजा होता है धुंधली नजर या अंधेपन तक का खतरा. शुगर से आंखों के लेंस भी प्रभावित हो सकते हैं, जिससे मोतियाबिंद जल्दी होने लगता है. ऐसे में शुगर का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए.

इन चीजों का भी रखें ध्यान
रोजाना शुगर की सीमा तय करें और मीठे पेय पदार्थों से बचें.

ज्यादा मीठा खाने की जगह फ्रूट्स और हेल्दी स्नैक्स लें.

नियमित रूप से ब्लड शुगर लेवल की जांच कराते रहें.

साल में कम से कम एक बार आंखों की जांच जरूर कराएं.

आंखों की अच्छी सेहत के लिए हरी सब्जियों और प्रोटीन युक्त भोजन को डाइट में शामिल करें.

धुंधला दिखने या फ्लोटर्स जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें.

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