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KORBA:परशुराम भगवान चिरंजीवी है,तेज बारिश और तूफ़ानों में भी अडिग रही परशुराम जन्मोत्सव रैली

कोरबा ,30अप्रैल 2025(वेदांत समाचार) : सर्व ब्राह्मण समाज कोरबा युवा प्रकोष्ठ और परशुराम सेना द्वारा भगवान परशुराम की जन्मोत्सव समारोहपूर्वक मनाई गई। पूर्व निर्धारित रैली मार्ग के अनुसार शहर के राम मंदिर सीतामढ़ी में विष्णु मिश्रा,संजय तिवारी, हरीश परसाई, कामेश्वर दीवान, विमल जोशी,रणधीर पांडे,राजेश पांडे समेत अन्य सभी ने भगवान परशुराम जी की आरती कर रथ को गाजे बाजे के साथ प्रस्थान किया ।

“परशुराम की जय…..!जय जय परशुराम…!!” के उद्घोष के साथ निकाली गई वाहन शोभायात्रा स्वागत के लिए जगह जगह सुविधाए रखी गई थी , जिसमें श्री राम मंदिर – पुरषोत्तम शर्मा एवं विष्णु शंकर मिश्रा, सप्तदेव मंदिर -अशोक मोदी,गीतांजलि कोरबा – बरुण गोस्वामी,अग्रसेन भवन ओवर ब्रिज -मारवाड़ी ब्राह्मण विकास समिति कोरबा,सुनालिया पुल के आगे -पायल रेफरीजशन,ट्रांसपोर्ट नगरचौक मामाजी बेकर्स के पास -सिख समाज एवं इंद्र जीत शर्मा,बुधबारी सरस्वती स्कूल के पास -राम कुमार पाण्डेय,तानसेन चौक पर पावन शर्मा द्वारा सहयोग प्रदान किया गया था।

आयोजित जन्मोत्सव समारोह सर्व ब्राह्मण समाज युवा प्रकोष्ठ के रविंद्र दुबे ने भगवान परशुराम जयंती समारोह पर संबोधित करते हुए कहा कि भगवान परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं। भगवान परशुराम ऋषि जमदग्नि तथा रेणुका के पुत्र थे। इतिहासकारों का मानना है कि भगवान परशुराम चिरंजीवी थे। वह आज भी हम लोगों के बीच में विराजमान हैं। भगवान परशुराम न्यायकर्ता के रूप में जाने जाते हैं। अभिषेक शर्मा ने कहा कि आज हम लोगों को अपने पूर्वजों के बताए रास्ते पर चलने की जरूरत है। भगवान परशुराम के बताए रास्ते पर चलकर ही मुख्यमंत्री न्याय एवं सुशासन के अनुगामी बने हैं, हम सबको इस रास्ते पर चलकर समाज की प्रतिष्ठा को बढ़ाने की जरूरत है। जयंती समारोह के आयोजन कर्ता सर्व ब्राह्मण युवा प्रकोष्ठ के अखिलेश तिवारी, हेमंत गौतम रवि शर्मा, प्रियशू ,अनीस शर्मा, योगेन्द्र मिश्रा, हेमंत दुबे, डॉ नंद कुमार, राजेश दुबे, बृजेश शर्मा, विजय दुबे के साथ मारवाड़ी ब्राह्मण समाज,परशुराम सेना, भूमिहार ब्राह्मण, द्विज परिवार कोरबा, एश इ सी एल इकाई, कुष्मुंड इकाई, जमनीपाली ,युवा ब्राह्मण समाज, बालको के सभी विप्र बंधु शामिल थे ।

भीषण आंधी तूफान और बारिश भी नहीं रोक पाई शोभायात्रा को

रैली ज्यों ही पुराने कोरबा मार्ग में पहुची, बादलों ने करवट बदलना प्रारंभ कर दिया, जैसे जैसे शोभायात्रा आगे बढ़ती गैर आँधी बढ़ती चली गई और बादलों में पानी की बूँदों की बौछार की लेकिन युवा ब्राह्मण में इस शोभायात्रा के प्रति जोश इतना था कि भीषण तूफान में भी आगे बढ़ते रहे और बादलों को शांत होना पड़ा ।

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