Vedant Samachar

बिलासपुर में रिश्वतखोरी मामला: प्रधान आरक्षक अनिल साहू दोषी, हेड कांस्टेबल से डिमोट

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बिलासपुर, 12 दिसंबर (वेदांत समाचार)। पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। कोर्ट में चालान पेश करने और जमानत आवेदन पर कार्रवाई के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में फंसे प्रधान आरक्षक अनिल साहू को विभागीय जांच में दोषी पाया गया है, जिसके बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें हेड कांस्टेबल से डिमोट कर आरक्षक पद पर भेज दिया है। अब वे दो साल तक इसी पद पर कार्य करेंगे।

यह मामला नवंबर 2024 में उजागर हुआ था, जब एक पीड़ित ने अनिल साहू द्वारा रिश्वत मांगने का वीडियो रिकॉर्ड कर इसकी शिकायत की थी। वायरल वीडियो में साहू वाहन को राजसात न करने के बदले 50 हजार रुपये की मांग करते दिखाई दे रहे थे, जबकि शिकायतकर्ता उनसे रकम कम करने को कहता सुनाई दे रहा था।

वीडियो सोशल मीडिया पर फैलते ही पुलिस विभाग ने तुरंत मामले की जांच शुरू की। जांच रिपोर्ट में अनिल साहू के खिलाफ लगे आरोपों को सही पाया गया। इसके बाद विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें पदावनत कर दिया।

पुलिस विभाग ने कहा कि ऐसी घटनाओं को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पारदर्शिता तथा अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

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