बीच सड़क पर बंद हो सकती है कार! बैटरी खराब होने से पहले मिलने वाले इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

कार के अचानक बंद पड़ने या स्टार्ट न होने की एक बड़ी वजह बैटरी का कमजोर होना भी हो सकता है. सामान्य तौर पर किसी भी कार की बैटरी लगभग 3 से 5 साल तक ठीक से काम करती है लेकिन मौसम, ड्राइविंग हैबिट्स और मेंटेनेंस के आधार पर इसकी लाइफ कम या ज्यादा हो सकती है. कई बार बैटरी पूरी तरह खत्म होने से पहले ही गाड़ी कुछ संकेत देने लगती है, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. अगर इन इशारों पर समय रहते ध्यान दिया जाए, तो आप बीच रास्ते में फंसने से बच सकते हैं. इसलिए जरूरी है कि समय-समय पर बैटरी की स्थिति चेक करते रहें, ताकि ये समझ सकें कि अब उसे बदलने का समय आ गया है.

इंजन स्टार्ट होने में देरी
अगर आपकी कार पहले के मुकाबले स्टार्ट होने में ज्यादा समय लेने लगी है या बटन दबाने/चाबी घुमाने पर तुरंत रिस्पॉन्स नहीं मिलता, तो ये बैटरी के कमजोर होने का संकेत हो सकता है. बार-बार जंप-स्टार्ट की जरूरत पड़ना भी इसी ओर इशारा करता है.

डैशबोर्ड पर बैटरी वॉर्निंग
ड्राइविंग के दौरान अगर इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में बैटरी का लाल आइकन दिखे, तो समझ लें कि बैटरी या चार्जिंग सिस्टम में दिक्कत है. इसे नजरअंदाज करना आगे बड़ी समस्या खड़ी कर सकता है.

इलेक्ट्रिकल फीचर्स में दिक्कत
कमजोर बैटरी का असर गाड़ी के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर भी दिखता है. जैसे हेडलाइट्स का हल्का होना, पावर विंडो का धीमे काम करना या स्क्रीन का बार-बार बंद होना ये सभी संकेत बताते हैं कि बैटरी सही हालत में नहीं है.

बैटरी का आकार बदलना या गंध आना
अगर बैटरी का बॉडी पार्ट फूला हुआ लगे या उससे अजीब सी गंध आए, तो यह ओवरहीटिंग या केमिकल लीकेज का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत बैटरी बदलवाना बेहतर रहता है.

टर्मिनल पर जंग या जमाव
बैटरी के कनेक्शन पॉइंट्स पर सफेद या नीले रंग का जमा पदार्थ दिखना करप्शन का संकेत होता है. इससे करंट फ्लो प्रभावित होता है. बार-बार ऐसा दिखे तो समझ लें कि बैटरी अपनी उम्र पूरी कर चुकी है.

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