Vedant Samachar

बलूचिस्तान में कई इलाकों में पाकिस्तानी सेना पर हमला, बीएलए ने किया बड़ा दावा

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क्वेटा,03 दिसंबर । बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना को बहुत नुकसान उठाना पड़ रहा है। बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने मस्तुंग, तुर्बत, कोहलू और चामलांग समेत कई इलाकों में पाकिस्तानी सेना पर हमले करने का दावा किया है। बीएलए ने दावा किया है कि बलूचिस्तान में उसने ‘शोषण करने वाली कंपनियों’ के सुरक्षाकर्मियों को पकड़कर उनके हथियार जब्त कर लिए।

बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने कहा कि लड़ाकों ने 1 दिसंबर को मस्तुंग के दश्त इलाके में जालो गंडन में रेलवे ट्रैक साफ करने के दौरान पाकिस्तानी सेना के जवानों पर हमला किया। हमले के दौरान दो पाकिस्तानी जवान मौके पर ही मारे गए और एक अन्य घायल हो गया। घायल जवान भागने में कामयाब रहा। बीएलए के लड़ाकों ने उसी दिन तुर्बत में पार्क होटल के पास पाकिस्तानी सेना के एक चेकपोस्ट पर ग्रेनेड से हमला किया। इसमें कई लोग मारे गए और संपत्ति को भी काफी नुकसान हुआ।

बीएलए के बयान में कहा गया, बलूच लिबरेशन आर्मी के लड़ाकों ने कोहलू के सिंहारी इलाके में एक शोषणकारी गैस कंपनी के एक सुरक्षा कैंप पर हमला किया। वहां मौजूद प्राइवेट सुरक्षा कर्मियों को पकड़ लिया गया और उनके हथियार जब्त कर लिए गए। कंपनी के स्थानीय कर्मियों को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।

चामलांग के ट्रिपल मोड़ में एक शोषणकारी कोयला कंपनी के सुरक्षा कैंप पर भी ऐसा ही हमला किया गया। वहां मौजूद कंपनी के कर्मियों को पकड़कर उनके हथियार जब्त कर लिए। स्थानीय कंपनी के लोगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।

बलूच लिबरेशन आर्मी ने शोषण करने वाली कंपनियों से जुड़े सभी लोगों को चेतावनी दी है कि वे इन कंपनियों को सुरक्षा या किसी भी तरह की मदद देना तुरंत बंद कर दें। ऐसी गतिविधियों में शामिल लोग अपने निजी और आर्थिक नतीजों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।”

इससे पहले सोमवार को, बीएलए ने दावा किया था कि 28 से 30 नवंबर के बीच बलूचिस्तान में किए गए 29 हमलों में 27 पाकिस्तानी सेना के जवान मारे गए और 17 से ज्यादा घायल हो गए।

बीएलए ने कहा, बलूच लिबरेशन आर्मी के लड़ाकों ने ग्वादर के पसनी इलाके में पाकिस्तानी सेना के कोस्ट गार्ड कैंप पर कई ग्रेनेड लॉन्चर से हमला किया। लड़ाकों ने ग्वादर के जिवानी इलाके में सैन्य खुफिया एजेंसी के लोगों और दुश्मन पाकिस्तानी सेना के एजेंटों को रिमोट-कंट्रोल्ड आईईडी हमले से निशाना बनाया। इस दौरान वे गाड़ियों से पैसे वसूलकर लौट रहे थे। धमाके की वजह से सैन्य खुफिया एजेंसी के तीन एजेंट मारे गए और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

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