Vedant Samachar

सफलता की कहानी : मेहनत की फसल, सम्मान की कीमत…धान से धन तक: बाबूलाल की मेहनत पर सरकार की मुहर

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रायपुर, 27 नवम्बर 2025। छत्तीसगढ़ में किसानों की मेहनत अब उपार्जन केंद्रों में खुशियों के रूप में नजर आ रही है। खेतों में छह माह तक की अथक साधना, बीज से लेकर बालियों तक का सफर, आज अपने अनमोल मूल्य के रूप में किसानों को लौट रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान का क्रय 3100 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर किया जा रहा है। इसका सकारात्मक प्रभाव किसानों की संतुष्टि, आत्मविश्वास और मुस्कान में स्पष्ट झलक रहा है।

नारायणपुर जिले के महावीर चौक निवासी किसान बाबूलाल देवांगन इसी सफलता के सजीव उदाहरण हैं। परंपरागत तरीकों से अपने 2 एकड़ कृषि भूमि में धान की खेती करने वाले श्री देवांगन ने इस वर्ष उत्कृष्ट उपज प्राप्त की और माहका उपार्जन केंद्र में 40 क्विंटल धान बेचा। खेती में उनकी पत्नी का सहयोग और परिवार के चार बेटे-बहुओं का संयुक्त प्रयास उनकी खेती-किसानी की निरंतर प्रगति का आधार है।

श्री देवांगन ने धान खरीदी प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि सरकार द्वारा समय पर खरीदी, सुविधाजनक व्यवस्था और उचित मूल्य प्रदान किए जाने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि धान बेचकर प्राप्त राशि से हम परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ खेती को और उन्नत बनाने की दिशा में कार्य करेंगे।

प्रदेश सरकार कृषि को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए किसानों के कठिन परिश्रम का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। समर्थन मूल्य पर सुगम और पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों में आत्मसंतोष का संचार किया है। सरकार के इसी दूरदर्शी प्रयास ने श्री बाबूलाल जैसे अनगिनत किसानों के चेहरों पर मुस्कान और जीवन में नई आशा का संचार किया है।

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