Vedant Samachar

क्या ठंड बढ़ते ही RSV वायरस का खतरा बढ़ जाता है?

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सर्दी का मौसम शुरू हो गया है. तापमान कम होने से कई बीमारियों का रिस्क बढ़ता है. इस मौसम में रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस (RSV) के मामले भी बढ़ जाते हैं. आरएसवी क्या होता है. सर्दियों में केस क्यों बढ़ जाते हैं. ऐसे कई सवालों का जवाब जानने के लिए हमने दिल्ली AIIMS में पीडियाट्रिक विभाग में डॉ. हिमांशु भदानी से बातचीत की है. डॉ भदानी ने इस वायरस के बारे में डिटेल में बताया है.

डॉ हिमांशु बताते हैं कि रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस (आरएसवी) फेफड़ों और रेस्पिरेटरी ट्रेक्ट में संक्रमण का कारण बनता है. यह इतना आम है कि ज़्यादातर बच्चे 2 साल की उम्र तक इस वायरस से संक्रमित हो जाते हैं. हालांकि यह बड़े लोगों को भी संक्रमित करता है, लेकिन बच्चों में केस अधिक आते हैं. आरएसवी कुछ लोगों में गंभीर संक्रमण पैदा कर सकता है, जिनमें 12 महीने और उससे कम उम्र के बच्चे (शिशु), विशेष रूप से समय से पहले जन्मे शिशु हार्ट और फेफड़ों की बीमारी वाले लोग, या कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग (इम्यूनोकॉम्प्रोमाइज्ड) लोगों में लक्षण गंभीर हो सकते हैं.

क्या सर्दियों में आते हैं ज्यादा केस?
डॉ हिमांशु बताते हैं किआरएसवी के केस सालभर देखे जाते हैं, लेकिन सर्दियों में कुछ मामले बढ़ जाते हैं. जब तापमान कम होता है तो उसमें आरएसवी इंफेक्शन के मामले बढ़ने का रिस्क होता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस मौसम में हवा में नमी कम होती है और वायरस तेजी से फैलता है. इस मौसम में लोगों के शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है जो वायरस का खतरा बढ़ाता है.

डॉ. बताते हैं कि आरएसवी के अधिकतर मामले बच्चों में ही आते हैं और ये वायरस कुछ दिनों में ठीक भी हो जाता है, अधिकतम दो सप्ताह का समय लगता है, लेकिन कुछ मामलों में इसके लक्षण गंभीर भी हो सकते हैं. इसमें लगातार खांसी आना, तेजी से सांस आना और सीने में घरघराहट होने लगती है तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए. इस मामले में लापरवाही नहीं करनी चाहिए.

RSV के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
ठंड लगना

शरीर तेज दर्द होना

गले में दर्द और खराश

नाक बहना

हल्का बुखार

तेज सांस लेनानाक बंद या लगातार बहना

कैसे बचें?

बच्चों को ठंडी हवा से बचाएं

बार-बार हाथ धुलाएं

भीड़भाड़ वाली जगहों में बच्चों को ले जाने से बचें

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