Vedant Samachar

SC/ST एक्ट के दुरुपयोग पर कोर्ट सख्त! 5 साल का लिव-इन रिलेशनशिप, फिर युवती ने युवक पर लगाया झूठा आरोप…

Vedant Samachar
2 Min Read

लखनऊ ,20नवंबर : लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कोर्ट ने SC/ST एक्ट और दुष्कर्म का फर्जी आरोप लगाकर बदला लेने वाली युवती को साढ़े 3 साल की सजा सुनाई है। स्थानीय स्तर पर लोग कह रहे हैं “ऐसे मामलों ने असली पीड़ितों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।”

लखनऊ की विशेष अदालत में न्यायाधीश विवेक नंद शरण त्रिपाठी ने हाल के महीनों में ऐसे कई मामलों में कठोर सजा सुनाई है, जहां जांच में यह साबित हुआ कि फर्जी मुकदमे प्रतिशोध या निजी रंजिश के कारण दर्ज कराए गए थे।

इसी कड़ी में रिंकी नामक युवती को भी साढ़े 3 साल की सजा सुनाई गई है, जिसने अपने प्रेमी दीपक पर दुष्कर्म और SC/ST एक्ट के तहत झूठा केस दर्ज कराया था। मामले में अदालत की टिप्पणी है कि “यह मामला साफ दिखाता है कि कानून का गलत इस्तेमाल कैसे किसी निर्दोष को गंभीर अपराधों में फंसा सकता है।”

अदालत के अनुसार, रिंकी पिछले 5 साल से दीपक के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही थी। फरवरी 2025 में दीपक ने दूसरी महिला से शादी कर ली, जिससे नाराज होकर रिंकी उसके घर जा पहुंची और शादी का दबाव बनाने लगी। प्रतिशोध में उसने दुष्कर्म और SC/ST एक्ट का फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया।

सबूतों की जांच के बाद अदालत ने पाया कि दीपक पर लगाए गए आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत और सुनियोजित थे, जिनका मकसद केवल उसे फंसाना था। अदालत ने साफ कहा कि यदि ऐसे झूठे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो SC/ST एक्ट का दुरुपयोग लगातार बढ़ता रहेगा।

Share This Article