ग्वालियर ,18नवंबर: सर्दी के मौसम में बच्चों की सुविधा, सुरक्षा व आवागमन को ध्यान में रखकर स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। जिले में संचालित एमपी बोर्ड, सीबीएसई व आईएसई से संबद्ध सभी शासकीय व अशासकीय स्कूलों में अध्ययनरत नर्सरी से 5वी कक्षा तक के बच्चों की कक्षायें अब प्रात: 9 बजे के बाद ही लगाई जा सकेंगीं। छठवीं से लेकर बारहवीं तक की कक्षायें प्रात: 8.30 बजे के बाद ही लगाई जा सकेंगीं। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी द्वारा इस आशय का आदेश जारी किया गया है।
नर्सरी से लेकर कक्षा आठवीं तक सुबह 8.30 बजे
School Timing Change Notice 2025 वहीं, कड़ाके की सर्दी को देखते हुए राजधानी के निजी सरकारी, सीबीएसई सहित स्कूलों के समय में बदलाव किया गया। नर्सरी से लेकर कक्षा आठवीं तक के सभी स्कूल सुबह 8.30 बजे के बाद संचालित होंगे। जिला शिक्षा कार्यालय ने सोमवार को इसके निर्देश जारी किए हैं अभिभावकों ने समय में बदलाव की मांग उठाई थी। इसके आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी नरेन्द्र अहिरवार ने ये निर्देश जारी किए हैं।
टूट गया 84 साल पुराना रेकार्ड
बता दें कि राजधानी में नवंबर में कड़ाके की सर्दी का 84 साल पुराना रेकार्ड टूट गया है। सोमवार को न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री पर पहुंचा। यह नवंबर में सर्दी का नया रेकार्ड है। मौसम विशेषज्ञों और पर्यावरणविदों के लिए मौसब में बदलाव का यह ट्रेंड शोध का विषय है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम वैश्विक विषय है, इसलिए किसी एक स्थान के आधार पर इसका आंकलन संभव नहीं है। हालांकि, कहीं न कहीं जलवायु परिवर्तन से मौसम चक्र प्रभावित हो रहा है। इसका असर मौसम के हर सीजन में दिखाई भी दे रहा है।
नकारात्मक आइओडी और लॉ नीना का प्रभाव
मौसम वैज्ञनिकों की मानें तो नवंबर में सर्दी का रेकार्ड टूटना और इतनी सर्दी होना चिंता का विषय है। इसके लिए जिम्मेदार भूमंडलीय पर्यावरणीय परिवर्तन और मानवीय छेड़छाड़ है। लगातार वन संपदा नष्ट हो रही है। पक्की इमारतें, सीमेंट क्रांक्रीट के रोड बन रहे हैं। सीमेंट गर्मियों में ज्यादा गर्म और सर्दियों में ज्यादा सर्द होता है। नकारात्मक आइओडी और लॉ नीना का प्रभाव अब लगातार दिखाई दे रहा है।



