Vedant Samachar

61 वर्षों बाद लखनऊ में फिर गूंजेगा राष्ट्रीय जम्बूरी का स्वर

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लखनऊ,13 नवंबर । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एक ऐतिहासिक अवसर की गवाह बनने जा रही है। 61 वर्षों के अंतराल के बाद भारत स्काउट्स और गाइड्स का 19वां राष्ट्रीय जम्बूरी 23 से 29 नवम्बर तक वृंदावन योजना स्थित रक्षा एक्सपो ग्राउंड में आयोजित होगा। यह आयोजन न केवल स्काउटिंग परंपरा का उत्सव है, बल्कि विकसित भारत के युवा नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना का भी प्रतीक बनेगा।

लगभग 300 एकड़ क्षेत्र में फैले इस आयोजन में 32,000 से अधिक प्रतिभागी सम्मिलित होंगे, जिनमें देशभर के स्काउट्स के साथ एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 2,000 प्रतिनिधि भी शामिल हैं। जम्बूरी स्थल पर 3,500 टेंट, 100 रसोई, 4 सेंट्रल किचन, और 30,000 सीटों वाला मुख्य एरीना स्टेडियम तैयार किया जा रहा है, जिसमें आधुनिक एलईडी स्क्रीन, डिजिटल कंट्रोल रूम और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को राज्य की संस्कृति, परंपरा और नवाचार की झलक के रूप में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है।

कुछ समय पूर्व उन्होंने तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देश दिया था कि एक्सपो ग्राउंड में राज्यवार प्रदर्शनियों के साथ ग्लोबल विलेज, 75 वर्ष की स्काउटिंग प्रदर्शनी, एयर अग्निवीर, रोबोटिक्स, सोलर और आर्मी पवेलियन भी लगाए जाएं।

एक अधिकारी ने बताया कि जम्बूरी का यह संस्करण तकनीकी दृष्टि से भी ऐतिहासिक रहेगा। पहली बार डिजिटल लाइव स्ट्रीमिंग, आरएफआईडी आधारित स्मार्ट आईडी कार्ड, और व्हाट्सएप कम्युनिकेशन सिस्टम के माध्यम से प्रतिभागियों को रियल-टाइम सूचनाएं मिलेंगी। साथ ही दो दिवसीय ड्रोन शो में सैकड़ों ड्रोन मिलकर स्काउटिंग और युवा सशक्तीकरण की कहानी आकाश में चित्रित करेंगे।

युवाओं में नवाचार और नेतृत्व कौशल को प्रोत्साहित करने हेतु आयोजन स्थल पर आईटी एवं एआई हब स्थापित किया जा रहा है। यहां डिजिटल लर्निंग, इनोवेशन, और लीडरशिप से जुड़े वर्कशॉप्स आयोजित होंगे। स्काउट्स को शिक्षा, रोबोटिक्स, और साइंस एक्सपो के माध्यम से आधुनिक तकनीकों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के उच्च मानकों को ध्यान में रखते हुए परिसर में सौ बेड का अस्पताल, 16 डिस्पेंसरी, फायर स्टेशन, सीसीटीवी निगरानी तंत्र और ग्रीन एनर्जी सिस्टम की व्यवस्था की गई है। संपूर्ण आयोजन को प्लास्टिक-फ्री, कचरा पृथक्करण और कम्पोस्टिंग आधारित बनाया जा रहा है।

लखनऊ जम्बूरी न केवल एक शिविर है, बल्कि यह भारत की युवा शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और सतत विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगा। परंपरा, तकनीक और सेवा भावना के इस अद्भुत संगम से यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत सिद्ध होगा।

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