जांजगीर-चांपा, 04 नवम्बर 2025। छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर जिले में तीन दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ। शासकीय हाई स्कूल मैदान, जांजगीर में 2 से 4 नवम्बर तक आयोजित इस उत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा शामिल हुए।
- प्रदर्शनी में दिखी 25 वर्षों की विकास यात्रा
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समा
- “छत्तीसगढ़ की आत्मा उसकी संस्कृति में बसती है” – टंकराम वर्मा
- सांसद कमलेश जांगड़े ने कहा – “छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता का प्रतीक”
- कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे उपस्थित
- “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की ओर अग्रसर है छत्तीसगढ़
समारोह के दौरान मंत्री वर्मा ने छत्तीसगढ़ राज्य की 25 वर्ष की गौरवशाली यात्रा को स्मरण करते हुए कहा कि यह प्रदेश अब संस्कृति, संकल्प और समृद्धि का संगम बन चुका है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व से छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ, और आज यह प्रदेश प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प की दिशा में अग्रसर है।

प्रदर्शनी में दिखी 25 वर्षों की विकास यात्रा
राजस्व मंत्री सहित अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में राज्य के 25 वर्षों की उपलब्धियों, विकास योजनाओं और नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। इस दौरान विभागों द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े पात्र हितग्राहियों को सम्मानित भी किया गया।
कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने बताया कि प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं तथा कृषि एवं सिंचाई के क्षेत्र में हुए उल्लेखनीय कार्यों को भी प्रदर्शित किया गया है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समा
राज्योत्सव मंच पर स्थानीय कलाकारों, स्कूली छात्र-छात्राओं एवं नृत्य दलों ने आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। छत्तीसगढ़ी लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक कलाओं से सजे कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दर्शकों की विशेष मांग पर मंत्री टंकराम वर्मा ने भी छत्तीसगढ़ी गीत “मोर भाखा संग दया माया के सुंदर हवे मिलाप रे…” गाकर कार्यक्रम में रंग भर दिया।
“छत्तीसगढ़ की आत्मा उसकी संस्कृति में बसती है” – टंकराम वर्मा
अपने संबोधन में मंत्री वर्मा ने कहा, “यह गर्व का क्षण है जब पूरा प्रदेश विकास, संस्कृति और आत्मगौरव के साथ आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ की आत्मा इसकी संस्कृति और परंपरा में बसती है। हम छत्तीसगढ़िया हैं और यही हमारी असली पहचान है।”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में गरीब कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। सरकार किसानों से धान का समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल में खरीदी कर रही है।
मंत्री वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद से लगभग मुक्त हो चुका है और 2026 तक पूरी तरह शांतिपूर्ण और समृद्ध प्रदेश बन जाएगा। उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का जो विजन रखा गया है, उसमें छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभा रहा है।”
सांसद कमलेश जांगड़े ने कहा – “छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता का प्रतीक”
लोकसभा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ आज तेजी से विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी को याद करते हुए कहा कि “उनके दूरदर्शी निर्णय ने हमें अपनी अलग पहचान दी और विकास का नया द्वार खोला।”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत पर राज्य आगे बढ़ रहा है, जिससे किसान, युवा और आम नागरिकों में खुशहाली आई है।
कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे उपस्थित
राज्योत्सव समापन समारोह में विधायक श्री ब्यास कश्यप, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री नारायण चंदेल, पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले, पूर्व विधायक श्री चुन्नीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रेखा देवगढ़ेवाल, उपाध्यक्ष श्री मोहन यादव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री गगन जयपुरिया, जिला पंचायत सदस्य सुश्री आशा साव, श्रीमती उमा राजेंद्र राठौर, श्रीमती प्रियंका सिंह, श्री राजकुमार साहू, श्री गुलाब सिंह चंदेल, श्री कार्तिकेश्वर स्वर्णकार, श्री पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह, श्री अमर सुल्तानिया, इंजी. रवि पांडेय, श्री देवेश सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
“विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की ओर अग्रसर है छत्तीसगढ़
कार्यक्रम के समापन पर मंत्री वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब विकास, संस्कृति और आत्मगौरव का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य की 25 वर्षों की यह यात्रा केवल उपलब्धियों की नहीं, बल्कि समर्पण और स्वाभिमान की भी कहानी है। “हमें एकजुट होकर छत्तीसगढ़ को रामराज्य की भावना से सशक्त, सक्षम और समृद्ध बनाना है,” उन्होंने कहा।



