बिलासपुर, 20 जुलाई (वेदांत समाचार )। जरहाभाठा मंदिर चौक स्थित पेट पाइंट शाप पर वन विभाग की टीम ने छापेमारी कर चार इंडियन रूफ्ड टर्टल (कछुए) जब्त किए और दुकान संचालक को गिरफ्तार कर लिया। कछुओं की अवैध बिक्री की सूचना राज्य उड़नदस्ता को मिली थी। सूचना के आधार पर उड़नदस्ता की टीम शहर पहुंची और बिलासपुर वन परिक्षेत्र के साथ संयुक्त कार्रवाई की। कार्रवाई से पहले विभाग के एक वन कर्मचारी को ग्राहक बनाकर दुकान पर भेजा गया। कर्मचारी ने तय कीमत पर एक कछुआ खरीदकर इसकी पुष्टि की, जिसके बाद टीम ने दुकान पर छापा मारा और कछुए को बरामद किया।
आरोपित के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया। अदालत ने आरोपित को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।कछुआ अनूसूची एक का वन्य जीव है। इसकरी खरीदी व बिक्री दोनों प्रतिबंधित है। इस सख्त आदेश का कुछ दुकान संचालक उल्लंघन कर रहे हैं। जिन-जिन जगहों पर चोरी-छिपे बिक्री होती है, उनकी जानकारी विभाग की टीम खंगाल रही है। इसी के तहत ही बिलासपुर के जरहाभाठा मंदिर चौक स्थित पेट पाइंट नामक एक शाप में कछुआ बिकने की सूचना मिली। राज्य उड़नदस्ता ने पहले ग्राहक बनकर शाप के संचालक सिंधी कालोनी निवासी दीपक लाल चंदानी से बात की। उसने कछुए के होने की पुष्टि की और यह भी कहा जितना चाहे, उतना उपलब्ध करा देगा। इसके बाद उन्होंने छापामार कार्रवाई करने की योजना बनाई। टीम के सदस्य बिलासपुर वन परिक्षेत्र कार्यालय पहुंचे और पूरी जानकारी दी। इसके बाद एक वनकर्मी को कछुआ खरीदने के लिए भेजा।
वह कर्मी शाप में गया और कछुआ खरीदकर बाहर निकलते ही अधिकारियों को सूचना दी।दबिश देने के लिए राज्य उड़नदस्ता व बिलासपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी यशपाल वर्मा की अगुवाई में टीम तैयार थी। वह शाप में पहुंचकर जांच शुरू की। इस दौरान उनको शाप के अंदर से चार कछुए बरामद हुए। जिसे जब्त करने के साथ संचालक को भी पकड़ लिया गया और वन परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया। आरोपित पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत अपराध दर्ज किया गया। कार्रवाई राज्य उड़नदस्ता टीम के अलावा बिलासपुर वन परिक्षेत्र परिक्षेत्र सहायक मुकेश साहू, लोकमणि त्रिपाठी, परिसर रक्षक कलेश पाल और अंशुज मानिकपुरी शामिल रहे।

