मुंगेली,03 मई (वेदांत समाचार): छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बन रही सड़क भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ती हुई नजर आ रही है। ग्रामीणों ने घटिया निर्माण और भारी अनियमितता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों की लागत से बनने वाली यह सड़क पहली बारिश भी झेल नहीं पाएगी।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत जरहागांव के पास 130 (ए) मुख्य मार्ग से चीतवाकापा तक डेढ़ किलोमीटर की सड़क बनाई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। सड़क के बेस को मजबूत मटेरियल से बनाने के बजाय मिट्टी डालकर तैयार किया जा रहा है, जिससे पहली ही बारिश में सड़क खराब होने और कीचड़ में तब्दील होने की संभावना है।
पानी निकासी के लिए नहीं है कोई खास व्यवस्था
इतना ही नहीं ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के एक ओर नहर और दूसरी ओर करीब 100 एकड़ किसानों की जमीन होने के बावजूद पानी निकासी के लिए आवश्यक व्यवस्था नहीं किया गया है, जिससे किसानों के खेतों तक नहर का पानी नहीं पहुंचेगा।
ग्रामीणों ने क्या खुलासा किया ?
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदार की ओर से रात के अंधेरे में निर्माण कार्य कराया जाता है, ताकि गुणवत्ता से जुड़ी खामियां छिपाई जा सकें। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने ठेकेदार के साथ ही इंजीनियर से कई बार आपत्ति दर्ज कराई है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य में कोई सुधार नहीं किया गया।
पार्षद ने क्या कहा ?
इस मामले में पार्षद धीरसिंह बंजारे का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बन रहे सड़क में किसी भी प्रकार की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सड़क के बेस को मजबूत मटेरियल से बनाने के बजाय मिट्टी डालकर तैयार किया जा रहा है, जिससे सड़क आने वाली पहली बारिश में ही खराब हो जाएगी। पानी निकासी के लिए आवश्यक व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे आने वाले समय में बहुत बड़ी समस्या पैदा हो सकती है।
नगर पंचायत अध्यक्ष पति ने क्या कहा ?
नगर पंचायत अध्यक्ष पति वेदप्रकाश का कहना है कि यह रोड ढाई करोड़ रूपये की लागत से अनिल बिल्डकॉन द्वारा कराया जा रहा है। इसके बेस में गिट्टी की जगह मिट्टी डालकर बनाया जा रहा है, जिससे यह रोड बहुत ही घटिया स्तर का बन रहा है। दो चार माह में ही सड़क खराब हो जायेगा, रात के अंधेरे में काम कराया जाता है और मनमानी तरीके से बनाया जा रहा है। आपत्ति करने के बावजूद सुधार नहीं किया गया है। हद तो ये है कि एक तरफ नहर और दूसरी ओर करीब सौ एकड़ किसानों का खेत है, बीच में सड़क बनाई जा रही, जिसमे दोंद नहीं लगाया गया है, जिससे नहर का पानी खेतों में पहुंच नहीं पायेगा और सिंचाई संकट उत्पन्न होगी l
