रायपुर,18अक्टूबर (वेदांत समाचार)। त्योहारी सीजन में ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले फिर से सक्रिय हो गए हैं। त्योहारी सीजन में अधिकांश लोग ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं। इसलिए ई-कॉमर्स कंपनियां खरीदी पर छूट दे रही है। इसी छूट का फायदा उठाकर ठग गिफ्ट वाउचर और कूपन देने का बहाना बनाकर ठगी कर रहे हैं।
इसके लिए ठग फर्जी लिंक और वाउचर भेजकर बैंक खातों में सेंध लगा रहे हैं। हाल ही में राजधानी की एक दर्जन महिलाएं इसी प्रकार की ठगी का शिकार हुई हैं। इन महिलाओं ने हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई है। बैंक ने उनके खाते ब्लॉक कर दिए हैं।
पुलिस ने बताया कि साइबर फ्रॉड करने वाले लगातार अपना तरीका बदलते रहते हैं। जो ट्रेंड चल रहा होता है या जो अवसर होता है। उसी को माध्यम बनाकर ठगी करते हैं, ताकि लोग आसानी से उनके जाल में फंस जाएं। त्योहारों के दौरान लोगों को अलग-अलग तरीके से बहला-फुसलाकर उनके खातों में सेंध लगाई जा रही है।
जानिए… त्योहारी सीजन में इस तरह से की जा रही ठगी, फर्जी लिंक से लोगों को दे रहे हैं लालच
- फ्री गिफ्ट का भेज रहे लिंक
ई-कॉमर्स कंपनियों या शॉपिंग साइट्स पर ऑफर चलाए जाते हैं। खरीदारी पर छूट, गिफ्ट और कूपन दिए जा रहे हैं। ठग इसी का फायदा उठाकर लोगों को दिवाली गिफ्ट का मैसेज भेजते हैं। गिफ्ट क्लेम करने के लिए लिंक भेजा जाता है। लिंक पर क्लिक करते ही फिशिंग साइट खुलती है और ठग बैंक या मोबाइल डिटेल्स चुरा लेते हैं। मोबाइल हैक कर नेट बैंकिंग के जरिए पैसे ट्रांसफर करते हैं। शंकर नगर और महावीर नगर की दो महिलाओं से इसी पैटर्न पर ठगी हुई है।
- डिस्काउंट ऑफर का झांसा
सोशल मीडिया पर दीवाली धमाका सेल के नाम पर ऑफर देकर ठगी की जा रही है। विभिन्न प्रोडक्ट्स पर 70 से 80 प्रतिशत तक की छूट का ऑफर दिया जा रहा है। इस ऑफर के लिए लिंक पर क्लिक करने को कहा जाता है। जैसे ही व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है, वह फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाता है। व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाती है। इसके बाद खाते में सेंध लगाई जाती है। देवेंद्र नगर के एक कारोबारी से इसी पैटर्न पर ठगी हुई है।
3.फर्जी वेबसाइट से ठगी
साइबर अपराधी फर्जी ई-कॉमर्स साइट्स और स्पूफ डोमेन का उपयोग करके भी ठगी कर रहे हैं। वर्तमान में कई बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां हैं, जिनके सबसे ज्यादा यूजर्स हैं। हर सीजन और त्योहार में ये कंपनियां कई ऑफर लाते हैं। साइबर ठग उन्हीं ऑफर्स की हूबहू नकल कर और नाम का दुरुपयोग कर फर्जी साइट्स तैयार कर रहे हैं, जिनसे ठगी की जा रही है।
4.पेमेंट करने पर मिलेगा पार्सल
सड्डू में रहने वाली 32 वर्षीय महिला से 1200 रुपए की ठगी हुई। उन्होंने एक ई-कॉमर्स साइट से साड़ी का ऑर्डर दिया था। पार्सल सात दिनों में आना था, लेकिन पांच दिन बाद ही कुरियर कंपनी के नाम से फोन आया। कॉल करने वाले ने पहले पता कन्फर्म किया, फिर कहा कि पहले पेमेंट करें, तभी पार्सल छोड़ेंगे। महिला ने पेमेंट कर दिया। इसी दौरान महिला के पास स्टेट बैंक से कॉल आया और बताया गया कि उनके खाते से ठगी की जा रही है।
एक्सपर्ट व्यू – मोहित साहू, साइबर विशेषज्ञ
ठगी से ऐसे रहें सतर्क
गिफ्ट वाउचर केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही खरीदें।
कोई भी ओटीपी, पैन नंबर या बैंक विवरण किसी को न दें।
वेबसाइट के यूआरएल में HTTPS व सही पता अवश्य जांचें।
वाउचर कोड किसी के साथ साझा न करें।
अनजान कॉल को तुरंत काटें और कंपनी की अधिकृत हेल्पलाइन से ही संपर्क करें।
असली वाउचर में स्पष्ट शर्तें होती हैं, जबकि फर्जी वाउचर में कुछ भी स्पष्ट नहीं होता।
फर्जी साइट्स में यूआरएल की वर्तनी गलत होती है और डोमेन नाम अजीब होते हैं, जैसे .xyz, .top आदि।
फर्जी लिंक या ऑफर से रहें सावधान
ई-कॉमर्स वेबसाइट या कंपनियों से खरीदारी करने वाले लोग सतर्क रहें। फर्जी लिंक या ऑफर से बचें। कूपन, वाउचर या गिफ्ट के झांसे में न आएं। कोई भी एप या लिंक बिना जांचे न खोलें। केवल कंपनी की अधिकृत वेबसाइट से ही खरीदारी करें।



