Vedant Samachar

दिवाली पर लोन लेने वालों को बड़ा झटका, देश के सबसे बड़े बैंक ने सस्ता नहीं किया कर्ज…

Vedant Samachar
3 Min Read

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अक्टूबर 2025 के लिए अपनी लोन ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. बैंक ने अपनी एमसीएलआर (MCLR) यानी मार्जिन कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लीडिंग रेट और रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) जैसी बाहरी बेंचमार्क दरों को पहले जैसा ही रखा है.

1 अक्टूबर 2025 को हुई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में रेपो रेट को 5.5% पर स्थिर रखा गया था. हालांकि, बैंकों को जरूरत पड़ने पर अपने लोन की ब्याज दरें घटाने की छूट है क्योंकि इस साल के पहले रेपो रेट में 1% (100 बेसिस पॉइंट) की कटौती की जा चुकी है, जिसका असर अभी पूरी तरह नहीं दिखा है.

एसबीआई की नई MCLR दरें
बैंक की एमसीएलआर दरें अलग-अलग अवधि (टेन्योर) के लिए 7.90% से 8.85% के बीच हैं.

ओवरनाइट और 1 महीने की दर: 7.9%
3 महीने की दर: 8.3%
6 महीने की दर: 8.65%
1 साल की दर: 8.75%
2 साल की दर: 8.8%
3 साल की दर: 8.85%
MCLR क्या होता है?
MCLR यानी मार्जिन कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लीडिंग रेट वह आधार दर होती है, जिससे बैंक यह तय करते हैं कि होम लोन, पर्सनल लोन या कार लोन जैसे फ्लोटिंग रेट लोन पर कितना ब्याज लिया जाए. अगर बैंक MCLR घटाता है, तो ग्राहकों की EMI कम हो सकती है या लोन जल्दी खत्म हो सकता है. हालांकि अब नए लोन EBLR (External Benchmark Lending Rate) से जुड़े होते हैं, लेकिन पुराने लोन ग्राहकों के पास MCLR से EBLR में शिफ्ट करने का विकल्प होता है.

SBI होम लोन ब्याज दरें (1 अगस्त 2025 से लागू)
सामान्य होम लोन दरें: 7.50% से 8.70%
मैक्सगेन ओवरड्राफ्ट लोन दरें: 7.75% से 8.95%
टॉप-अप होम लोन: 8.00% से 10.75%
टॉप-अप (OD) लोन: 8.25% से 9.45%
प्रोसेसिंग फीस
होम लोन और टॉप-अप लोन पर एसबीआई की प्रोसेसिंग फीस लोन राशि का 0.35% है, जो न्यूनतम 3,000 रुपए और अधिकतम 12,000 रुपए (जीएसटी अतिरिक्त) है.

एसबीआई फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) ब्याज दरें
एसबीआई सामान्य ग्राहकों को 3.05% से 6.60% (जिसमें अमृत वृष्टि स्पेशल डिपॉजिट भी शामिल है) ब्याज देता है. सीनियर सिटीज़न के लिए दरें 3.55% से 7.10% तक हैं, जो 7 दिन से 10 साल की अवधि वाले एफडी पर लागू होती हैं. कुल मिलाकर, एसबीआई ने अक्टूबर 2025 में अपनी ब्याज दरों को स्थिर रखा है. इससे संकेत मिलता है कि बैंक अभी बाजार की स्थिति पर नज़र रख रहा है और निकट भविष्य में ब्याज दरों में बदलाव की संभावना सीमित है.

Share This Article