Vedant Samachar

जीएसटी 2.0 का असर! Parle के कम MRP और ज्यादा वजन वाले नए पैकेट बाजार में आएंगे

Vedant Samachar
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नई दिल्ली,13अक्टूबर: जीएसटी सुधार लागू होने के बाद देश की दिग्गज फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) कंपनी पारले के उत्पादों के कम एमआरपी और ज्यादा वजन वाले नए पैकेट दिसंबर तक बाजार में आ जाएंगे। यह जानकारी कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट मयंक शाह ने दी। एनडीटीवी प्रॉफिट के इग्नाइट कॉन्क्लेव में बोलते हुए शाह ने कहा कि जीएसटी सुधार के बाद एफएमसीजी कंपनियों के लिए कीमतों में बदलाव करना आसान नहीं रहा है। टैक्स कम होने के बाद पैकेट साइज और वजन एवं कीमत को लेकर थोड़ी कन्फ्यूजन की स्थिति है। इस पर विस्तार से चर्चा की गई है और आमतौर पर एफएमसीजी कंपनियों को अपने उत्पादों के पैकेजों में बदलाव करने में लगभग डेढ़ से दो महीने का समय लगता है।

उन्होंने नए पैकेट की टाइमलाइन के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि पहले चरण में बड़े और ज्यादा एमआरपी वाले पैकेट्स की एमआरपी को कम किया जाएगा। उसके बाद कम एमआरपी वाले छोटे पैकेट, जिनकी बाजार में हिस्सेदारी करीब 60-70 प्रतिशत है, में बदलाव किया जाएगा। यह ग्राहकों को नवंबर के अंत या दिसंबर की शुरुआत में धीरे-धीरे दिखने लगेंगे। कम एमआरपी वाले प्रोडक्ट्स पर चर्चा करते हुए शाह ने कहा कि 5 रुपए वाला पैकेट 4.5 रुपए और 10 रुपए वाला पैकेट 9 रुपए का हो सकता है। नए जीएसटी सुधार 22 सितंबर को लागू हुए थे। इसके तहत, सरकार ने दैनिक उपभोग से लेकर गाड़ियों पर टैक्स में भारी कटौती की थी।

इस महीने की शुरुआत में 15वीं फाइनेंस कमीशन के चेयरमैन और अर्थशास्त्री एनके सिंह ने कहा था कि जीएसटी सुधार से देश के आम नागरिकों को बढ़ी राहत मिली है। इससे परचेसिंग पावर बढ़ी और साथ ही व्यापार में आसानी को बढ़ावा मिला है। सिंह ने कहा, “जीएसटी सुधार का असर दिखने लगा है। इससे परचेसिंग पावर बढ़ी है और आम आदमी को राहत मिली है। इससे बिजनेस और निवेश के माहौल में भी जरूरी सुधार हुआ है और व्यापार में आसानी को बढ़ावा मिला है।” उन्होंने आगे कहा, “देश पास एक ऐसा बड़ा बाजार है, जो अभी भी अनछुआ है और यह निजी निवेश और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के लिए बड़ा अवसर पेश करता है।”

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